
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई हाई कोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के तमिलनाडु राज्य अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग हत्याकांड में जेल में बंद तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला टाल दिया है। अदालत ने इस मामले में कोई अगली तारीख भी तय नहीं की है, जिससे अब याचिकाकर्ताओं को इंतजार करना होगा।
यह मामला 5 जुलाई 2024 को हुई आर्मस्ट्रांग की हत्या से जुड़ा है। इस केस में गिरफ्तार किए गए पोन्नई बालू, संतोष और मणिकंदन ने जमानत के लिए चेन्नई हाई कोर्ट में तीसरी बार याचिका दाखिल की थी। तीनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और लंबे समय से जेल में बंद हैं।
शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस सी. कुमारप्पन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि तीनों आरोपी पिछले 700 दिनों से अधिक समय से जेल में बंद हैं। वकील ने यह भी कहा कि इसी मामले के कई अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, ऐसे में समानता के आधार पर इन याचिकाकर्ताओं को भी राहत दी जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी तर्क रखा कि हाई कोर्ट ने पहले इस केस में चार्जशीट को रद्द करने और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया था। वकीलों ने अदालत को बताया कि इस केस में कुछ राजनीतिक नेताओं के नाम सामने आए हैं, लेकिन अब तक उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार बदलने के बाद राज्य सरकार ने CBI जांच के मुद्दे पर अब तक कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जिससे जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
दूसरी ओर, राज्य पुलिस की ओर से अदालत में याचिका का कड़ा विरोध किया गया। पुलिस पक्ष ने कहा कि यदि इन तीनों आरोपियों को जमानत दी जाती है, तो गवाहों को डराने-धमकाने और प्रभावित करने की आशंका बनी रह सकती है। पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि यह मामला गंभीर अपराध से जुड़ा है और इसमें गवाहों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए जमानत देना उचित नहीं होगा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और जमानत याचिकाओं पर निर्णय टाल दिया। साथ ही अदालत ने इस संबंध में कोई नई तारीख भी निर्धारित नहीं की है।
इस फैसले के बाद अब तीनों आरोपियों की कानूनी स्थिति फिलहाल जस की तस बनी रहेगी। वे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे और मामले की आगे की सुनवाई अदालत के अगले आदेश पर निर्भर करेगी। यह मामला राज्य में काफी संवेदनशील माना जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।





