
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में तमिलगा वेत्री कझगम (थावेका) ने डीएमके और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी ने दावा किया है कि राज्य में भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में डीएमके का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।
रविवार को थावेका के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर जारी एक पोस्ट में पार्टी ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ यह कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और लोकप्रिय अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) कभी डीएमके का हिस्सा थे और पहली बार डीएमके के समर्थन से ही विधानसभा सदस्य बने थे। पार्टी ने माना कि यह इतिहास का हिस्सा है, लेकिन इसके साथ ही एमजीआर के बाद के राजनीतिक जीवन का भी उल्लेख किया।
थावेका ने अपने बयान में कहा कि एमजीआर अपने जीवन के अंतिम समय तक यह मानते रहे कि डीएमके उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी थी। पार्टी का दावा है कि एमजीआर ने डीएमके को एक "बुरी ताकत" बताया था और अपने राजनीतिक जीवन के दौरान उसे सत्ता में लौटने का अवसर नहीं दिया। पोस्ट में कहा गया कि एमजीआर की राजनीतिक सोच और उनके संघर्ष को केवल उनके शुरुआती राजनीतिक सफर तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।
पोस्ट में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के उस बयान का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में किसी भी समय चुनाव हो सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थावेका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सत्ता खोने की आशंका और राजनीतिक दबाव के कारण इस तरह के बयान दे रहे हैं। पार्टी ने कहा कि जनता का रुझान बदल चुका है और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां पहले जैसी नहीं हैं।
थावेका ने अपने बयान में दावा किया कि तमिलनाडु में भविष्य में जब भी कोई चुनाव होगा, चाहे वह विधानसभा का हो, लोकसभा का हो या स्थानीय निकाय का, डीएमके को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। पार्टी ने कहा कि आने वाले सभी चुनावों में डीएमके का "100 प्रतिशत सफाया" तय है और राज्य की जनता बदलाव के पक्ष में फैसला करेगी।
पार्टी ने यह भी कहा कि जनता सरकार के कामकाज का मूल्यांकन कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना फैसला सुनाएगी। थावेका के अनुसार राज्य में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है और मतदाता नई दिशा की ओर बढ़ रहे हैं।
इस बयान के जरिए थावेका ने खुद को राज्य में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करने का प्रयास किया है। पार्टी का कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव की मांग लगातार बढ़ रही है और आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा।
हालांकि, थावेका के इन दावों पर डीएमके की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बयान और थावेका की प्रतिक्रिया के बाद राज्य की राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
तमिलनाडु में पिछले कुछ समय से विभिन्न राजनीतिक दल आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी कड़ी में थावेका का यह बयान भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक दलों के बीच चुनावी रणनीति और बयानबाजी के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल थावेका ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के माध्यम से डीएमके के खिलाफ अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करते हुए दावा किया है कि भविष्य के सभी चुनावों में जनता डीएमके को सत्ता से बाहर कर देगी। वहीं इस पूरे मामले पर अब सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।





