तमिलनाडू

Chennai डिवीजन में मेंटेनेंस कार्य के चलते सबअर्बन ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव

Kavita2
9 Jun 2026 9:09 AM IST

Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई रेलवे डिवीजन ने सबअर्बन रेल सेवाओं में अस्थायी बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत तिरुत्तनी–चेन्नई सेंट्रल के बीच दोपहर में चलने वाली सबअर्बन मिनसा ट्रेन 12 जून तक केवल थिरुवलंकाडु स्टेशन तक ही संचालित होगी। यह बदलाव अरक्कोणम वर्कशॉप में चल रहे ट्रैक और तकनीकी रखरखाव कार्य के कारण किया गया है, जो 8 जून से शुरू होकर 12 जून तक चलेगा। इस अवधि में यात्रियों को कुछ ट्रेनों के रद्द होने और कुछ के आंशिक रूप से रूट सीमित होने की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अरक्कोणम रूट पर कुल पांच सबअर्बन इलेक्ट्रिक IMU ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा 40 से अधिक IMU और MEMU ट्रेनों के संचालन में आंशिक बदलाव किया गया है। इनमें कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचेंगी और बीच के स्टेशनों तक ही सीमित रहेंगी, जबकि कुछ ट्रेनों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। रेलवे ने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैक सिस्टम की तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

इसी तरह, तिरुवनंतपुरम से चेन्नई सेंट्रल के लिए दोपहर 12:35 बजे चलने वाली ट्रेन भी इस अवधि में अपने सामान्य मार्ग पर नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब केवल थिरुवलंकाडु स्टेशन तक ही संचालित की जाएगी। इसके कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है, हालांकि रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एक अतिरिक्त ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तिरुवनंतपुरम से चेन्नई सेंट्रल के लिए सुबह 6:20 बजे एक विशेष पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी। यह स्पेशल ट्रेन उन यात्रियों के लिए राहत प्रदान करेगी जो नियमित दोपहर सेवा पर निर्भर थे। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी अवश्य जांच लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नल सिस्टम और तकनीकी संरचनाओं की विस्तृत जांच की जाएगी। इस दौरान पुराने और खराब हो चुके हिस्सों को बदला जाएगा, जिससे भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन की दक्षता बेहतर हो सके। यह कार्य विशेष रूप से अरक्कोणम–चेन्नई रूट पर केंद्रित है, जो दक्षिण भारत के व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक माना जाता है।

इस अवधि में कई लोकल और सबअर्बन यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि रेलवे का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर और सुरक्षित सेवाओं के लिए आवश्यक है। जैसे ही मरम्मत और तकनीकी कार्य पूरा होगा, सभी ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर और भी बदलाव किए जा सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना माध्यमों से अपडेट लेते रहें और अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं।

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