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Coimbatore कोयंबटूर। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक खारिज होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले जनगणना और जातिगत जनगणना कराना बेहद जरूरी है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “महिला आरक्षण बिल पहले ही पास हो चुका था और उस समय केंद्र सरकार ने कहा था कि इसे 2034 तक लागू किया जाएगा। लेकिन परिसीमन एक अलग मुद्दा है। हमारी मांग है कि पहले नई जनगणना हो और साथ ही जातिगत जनगणना भी कराई जाए।”
उन्होंने 2001 की जनगणना के आधार पर किसी भी नीति या परिसीमन को लागू करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पुराना डेटा प्रासंगिक नहीं है। उनका कहना था कि यदि नई जनगणना के आधार पर फैसले लिए जाएंगे तो वह ज्यादा न्यायसंगत और प्रभावी होंगे।
आरजेडी नेता ने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए अद्यतन आंकड़ों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिना सही आंकड़ों के आरक्षण या सीटों के पुनर्निर्धारण से कई वर्गों के साथ अन्याय हो सकता है।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण, परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दे इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। विपक्ष लगातार जातिगत जनगणना की मांग उठा रहा है, जबकि सरकार का रुख इस पर अलग रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों में ये मुद्दे और ज्यादा गरमाएंगे, क्योंकि इनका सीधा संबंध प्रतिनिधित्व और सत्ता संतुलन से जुड़ा हुआ है।
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