तमिलनाडू

TASMAC ने एग्मोर में AI आधारित ऑटोमेटेड मशीन का ट्रायल शुरू किया

Kavita2
16 Jun 2026 9:16 AM IST
TASMAC ने एग्मोर में AI आधारित ऑटोमेटेड मशीन का ट्रायल शुरू किया
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Tamil Nadu तमिलनाडु: शराब की खाली बोतलों के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर TASMAC ने एक नई तकनीकी पहल शुरू की है। चेन्नई के एग्मोर क्षेत्र में ट्रायल के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एक ऑटोमेटेड मशीन लगाई गई है, जिसका उद्देश्य शराब की दुकानों से बेची गई बोतलों को वापस इकट्ठा करना है। इस कदम को राज्य में ‘डिपॉजिट रिटर्न सिस्टम’ को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंबे समय से शराब की खाली कांच की बोतलें सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और पहाड़ी क्षेत्रों में फेंके जाने की समस्या बनी हुई है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि कई बार यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। इन बोतलों के गलत तरीके से निपटान के कारण दुर्घटनाओं और चोटों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

इस समस्या को देखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने शराब की खाली बोतलों को वापस करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद TASMAC ने ‘डिपॉजिट रिटर्न सिस्टम’ लागू किया, जिसके तहत शराब खरीदते समय ग्राहकों से निर्धारित कीमत के अलावा 10 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं। यह अतिरिक्त राशि बोतल वापस करने पर ग्राहक को लौटा दी जाती है।

हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आईं। दुकानदारों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया, क्योंकि उन्हें अलग से बोतलों का हिसाब रखना और नकद राशि का प्रबंधन करना पड़ रहा था। इसके अलावा, कई स्थानों पर ग्राहकों ने भी इस अतिरिक्त 10 रुपये शुल्क को लेकर आपत्ति जताई।

इन समस्याओं को देखते हुए TASMAC ने तकनीकी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। एग्मोर में शुरू की गई AI आधारित ऑटोमेटेड मशीन को ट्रायल के तौर पर स्थापित किया गया है। यह मशीन खाली बोतलों को पहचानने, उन्हें स्वीकार करने और प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड करने में सक्षम बताई जा रही है। इससे न केवल मैनुअल काम कम होगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार, यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। इससे डिपॉजिट रिटर्न सिस्टम को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी क्योंकि खाली बोतलों के सड़कों पर फेंके जाने की समस्या में कमी आने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के इस्तेमाल से इस तरह के सिस्टम में सुधार होगा और लॉजिस्टिक चुनौतियों को कम किया जा सकेगा। हालांकि, इसके व्यापक उपयोग से पहले इसकी तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक उपयोगिता का पूरी तरह परीक्षण किया जाएगा।

फिलहाल, एग्मोर में चल रहा यह ट्रायल तमिलनाडु में शराब वितरण और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में कदम माना जा रहा है।

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