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Chennai चेन्नई। तमिलागा वेट्री कषगम (टीवीके) की पदाधिकारी अजिता एग्नेल को कथित आत्महत्या के प्रयास के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तबियत अधिक बिगड़ने के बाद शनिवार को उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में शिफ्ट कर दिया गया। थूथुकुडी की रहने वाली और पार्टी की प्रमुख कार्यकर्ता अजिता को शुक्रवार को अपने घर पर करीब 15 नींद की गोलियां खाने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, नव घोषित पार्टी संरचना में थूथुकुडी सेंट्रल जिला सचिव के पद के लिए नजरअंदाज किए जाने के बाद वह तनाव में थीं।
खबरों के मुताबिक, वह सैमुअल राज की नियुक्ति से नाराज थीं, जिसका फैसला टीवीके प्रमुख विजय ने 23 दिसंबर को घोषित किया था। अजिता ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया था कि वह पार्टी की स्थापना के बाद से ही सक्रिय रूप से इसके लिए काम कर रही हैं और उन्होंने नव नियुक्त पदाधिकारी की योग्यताओं पर सवाल उठाया था। इस घोषणा के बाद, अजिता और उनके समर्थकों के एक समूह ने पनायूर स्थित टीवीके मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया, थोड़ी देर के लिए विजय के वाहन को रोका और बाद में पार्टी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया, जिससे पार्टी के कुछ जमीनी स्तर के पदाधिकारियों के बीच असंतोष की चर्चा शुरू हो गई थी।
वहीं, परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना के बाद अजिथा ने थूथुकुडी स्थित अपने घर पर नींद की गोलियां खा लीं और उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई। हालांकि, शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वह अभी भी गहन चिकित्सा निगरानी (आईसीयू) में है। यह घटना तमिलगा वेट्टी कजगम के लिए एक संवेदनशील समय पर घटी है; अभिनेता से राजनेता बने विजय ने इस साल की शुरुआत में ही अपनी इस पार्टी को लॉन्च किया था। यह पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले पूरी तरह से सक्रियता दिखाकर राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरना चाहती है।
विजय के राजनीतिक संदेश और मौजूदा पार्टियों के भ्रष्टाचार मुक्त विकल्प के रूप में टीवीके के गठन ने जनता का काफी ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि, मौजूदा घटनाक्रम जैसे आंतरिक मतभेदों ने पार्टी की संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पार्टी एक विस्तारित राजनीतिक भूमिका के लिए तैयारी कर रही है। इसी साल 27 सितंबर को करूर में टीवीके के एक कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे, जिसके बाद पार्टी भीड़ प्रबंधन और आंतरिक समन्वय को लेकर सार्वजनिक जांच के दायरे में आ गई थी।
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