
Tamil Nadu तमिलनाडु: कोयंबटूर जिले के पश्चिमी घाट में स्थित वेल्लियांगिरी पर्वत पर होने वाले ट्रेक को भारी बारिश के चलते कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। प्रशासन की ओर से यह निर्णय सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि लगातार बारिश से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे और जोखिमपूर्ण हो गए हैं। इस ट्रेक के बंद होने से बड़ी संख्या में शिव भक्तों की यात्रा पर असर पड़ा है, जो हर वर्ष इस अवधि में यहां दर्शन के लिए आते हैं।
Velliangiri Mountains को दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है और यह स्थान भगवान शिव के भक्तों के लिए अत्यंत आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां स्थित स्वयंभू लिंग मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सात पहाड़ियों को पार करना पड़ता है, जो इस यात्रा को और अधिक कठिन लेकिन आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व दोनों के लिए प्रसिद्ध है।
Velliangiri Andavar Temple में हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, कोर्ट के आदेश के अनुसार वन विभाग द्वारा हर साल 1 फरवरी से मई के अंत तक ही भक्तों को पहाड़ पर चढ़ने और स्वयंभू लिंग के दर्शन की अनुमति दी जाती है। इस अवधि में देश के विभिन्न हिस्सों से शिव भक्त यहां पहुंचते हैं और सुबह के समय उगते सूरज के दृश्य को भी आस्था के साथ देखते हैं।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में पहाड़ों पर चढ़ाई करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन जैसी स्थिति बनने की संभावना रहती है। इसी वजह से ट्रेक को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने भक्तों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
वेल्लियांगिरी क्षेत्र न केवल कोयंबटूर बल्कि आसपास के कई जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर साल हजारों की संख्या में भक्त कठिन चढ़ाई करके भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह यात्रा शारीरिक रूप से कठिन मानी जाती है, लेकिन भक्त इसे आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखते हैं।
बारिश के कारण फिलहाल ट्रेक बंद होने से स्थानीय पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम में सुधार के बाद स्थिति की समीक्षा कर दोबारा यात्रा की अनुमति दी जा सकती है।





