तमिलनाडू

तमिलनाडु: पुझल झील से पानी छोड़े जाने के बाद वाडापेरुंबक्कम डूबा

SHIDDHANT
3 Dec 2025 11:11 PM IST
तमिलनाडु: पुझल झील से पानी छोड़े जाने के बाद वाडापेरुंबक्कम डूबा
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लुर जिले में वाडापेरुंबक्कम इलाका पुझल झील से पानी छोड़े जाने के बाद पूरी तरह डूब गया। इस कारण लगभग 25,000 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम बोट और आवश्यक उपकरणों का उपयोग कर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में इमरजेंसी सेवाएं और राहत शिविर स्थापित किए हैं, ताकि लोगों को प्राथमिक जरूरतें जैसे भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा मिल सके।
जानकारी के अनुसार, पुझल झील का जलस्तर हाल के भारी बारिश के चलते बढ़ गया था। झील के प्रबंधन ने जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया, जिससे आसपास के वाडापेरुंबक्कम और अन्य निचले इलाकों में अचानक पानी भर गया। स्थानीय लोग और बचाव कर्मी तेजी से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि टीम 24 घंटे अभियान में लगी हुई है और लगातार बोट के माध्यम से फंसे लोगों को निकाल रही है।
इस बाढ़ से प्रभावित कई घर और वाहन पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। प्रभावित लोगों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। प्रशासन ने लोगों से अवश्यकता के बिना घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। तिरुवल्लुर जिले के उपायुक्त और स्थानीय अधिकारी लगातार स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं और एनडीआरएफ तथा स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर राहत कार्य को प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अचानक पानी का बहाव उनके लिए चौंकाने वाला था, कई परिवारों को तत्काल ऊंची जगहों पर शरण लेनी पड़ी। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि पानी का स्तर अभी घटने में समय लगेगा, इसलिए सभी लोग सावधानी बरतें और बचाव दल के निर्देशों का पालन करें। एनडीआरएफ ने कहा कि अतिरिक्त टीमों और बोटों को प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है, ताकि सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इस बाढ़ की घटना ने तिरुवल्लुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।
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