तमिलनाडू

सरकारी अस्पतालों में इलाज को लेकर तमिलनाडु दक्षिण भारत में शीर्ष पर, NSI डेटा जारी

Kavita2
29 April 2026 9:39 AM IST
सरकारी अस्पतालों में इलाज को लेकर तमिलनाडु दक्षिण भारत में शीर्ष पर, NSI डेटा जारी
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: नेशनल स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (NSI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण भारत में सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की सबसे अधिक दर तमिलनाडु में दर्ज की गई है। यह डेटा राज्यवार स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग को लेकर हाल ही में जारी किया गया है, जिसमें सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में तमिलनाडु में ग्रामीण क्षेत्रों के 47.5 प्रतिशत लोग सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करवाने पहुंचे, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 38.6 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर राज्य में सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने वालों का अनुपात 43 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो दक्षिण भारत में सबसे अधिक है।

एनएसआई के इस अध्ययन में अन्य दक्षिणी राज्यों की तुलना भी की गई है। आंध्र प्रदेश में 26.9 प्रतिशत, केरल में 30 प्रतिशत, कर्नाटक में 29.8 प्रतिशत और तेलंगाना में 29.3 प्रतिशत लोगों ने सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करवाया। वहीं पश्चिमी राज्यों की बात करें तो गुजरात में यह आंकड़ा 25.9 प्रतिशत और महाराष्ट्र में मात्र 18.6 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो दक्षिणी राज्यों की तुलना में काफी कम है।

इन आंकड़ों के आधार पर तमिलनाडु को दक्षिण भारत में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग के मामले में पहले स्थान पर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान राज्य में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और लोगों की निर्भरता को दर्शाता है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ मंत्री एम. सुब्रमण्यम ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण अधिक लोग सरकारी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है।

मंत्री ने यह भी कहा कि आयुष्मान भारत और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य योजनाओं के साथ-साथ मुफ्त इलाज सुविधाओं ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों का भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को लेकर बहस जारी है। तमिलनाडु का यह प्रदर्शन सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली की उपयोगिता को एक बार फिर सामने लाता है।

Next Story