
Tamil Nadu तमिलनाडु: लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिलनाडु के नेता थोलम थिरुमावलवन ने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं और सरकार को इस पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।
सोमवार को जारी अपने बयान में थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी की है। उनके अनुसार, हाल ही में एक ही दिन में ईंधन की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की दैनिक जीवन लागत प्रभावित हो रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी जिक्र किया और कहा कि जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, तब घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते की संभावना के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की तैयारी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति बेहतर होने और कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद थी।
थिरुमावलवन ने कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक तेल बाजार में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, भारत में ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर जनता पर आर्थिक दबाव डालने वाला निर्णय बताया और मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत इस बढ़ोतरी को वापस ले।
उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों की कीमतों और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। इसलिए यह मुद्दा केवल ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक आर्थिक प्रभाव डालता है।
इसी बीच, उन्होंने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई एक दर्दनाक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना सामने आई है। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया तथा राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इन दोनों मुद्दों—ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी और कोयंबटूर की घटना—को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को जनता से जुड़े आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।
कुल मिलाकर, थिरुमावलवन के बयान ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों की दिशा क्या रहती है।





