
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने सोमवार को साफ कहा कि जो माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार ड्राइविंग और बाइक रेसिंग जैसी खतरनाक गतिविधियां न केवल वाहन चालकों की जान के लिए खतरा हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को भी प्रभावित करती हैं।
पुलिस कमिश्नर ने यह बयान सोमवार को एग्मोर स्थित राजारत्नम स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। इस दौरान एक निजी कार कंपनी ने एक बड़ी कॉर्पोरेशन के सहयोग से चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग को 300 अस्थायी रोडब्लॉक उपलब्ध कराए।
इस कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने कंपनी की ओर से दिए गए रोडब्लॉक को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नए कदम उठा रही है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने कहा कि चेन्नई में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग निजी कंपनियों के साथ मिलकर सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग का लक्ष्य “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन” के उद्देश्य को हासिल करना है। इसके लिए ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा और कानून का ध्यान रखना चाहिए।
नाबालिगों को वाहन देने पर कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस कमिश्नर ने नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार माता-पिता अपने बच्चों को बिना लाइसेंस के वाहन चलाने की अनुमति दे देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अभिभावक नाबालिग बच्चे को वाहन चलाने के लिए देता है और उससे कोई दुर्घटना या नियम उल्लंघन होता है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि कम उम्र में वाहन चलाना बच्चों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
बाइक रेसिंग मामले में 17 लोगों पर कार्रवाई
चेन्नई में हाल ही में हुई खतरनाक मोटरसाइकिल रेसिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले सप्ताह शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर बाइक रेसिंग की घटनाएं सामने आई थीं।
इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। वीडियो में युवाओं को सार्वजनिक सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक चलाते और खतरनाक स्टंट करते हुए देखा गया था।
मामले की जानकारी मिलते ही चेन्नई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने बाइक रेसिंग में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 17 साल के नाबालिग लड़के भी शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर या लोकप्रियता हासिल करने के लिए सड़क पर स्टंट करना बेहद खतरनाक है। ऐसी गतिविधियां किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
तेज रफ्तार और रेसिंग पर पुलिस की नजर
चेन्नई पुलिस ने कहा है कि तेज गति से वाहन चलाना और सार्वजनिक सड़कों पर रेसिंग करना गंभीर अपराध है। इससे वाहन चालक की जान को खतरा होता ही है, साथ ही पैदल चलने वालों और दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
पुलिस अब ऐसे मामलों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और नागरिकों की शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सड़क को रेसिंग ट्रैक न बनाएं। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
निजी कंपनियों के सहयोग से बढ़ेगी सुरक्षा व्यवस्था
चेन्नई पुलिस द्वारा 300 अस्थायी रोडब्लॉक प्राप्त करना भी सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। इनका इस्तेमाल ट्रैफिक नियंत्रण, विशेष अभियान और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
पुलिस विभाग का कहना है कि शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक संसाधनों की जरूरत है। निजी कंपनियों के सहयोग से पुलिस को अतिरिक्त सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे यातायात प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लें। पुलिस का कहना है कि कुछ मिनट की लापरवाही किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी है। पुलिस ने साफ किया है कि सड़क पर खतरनाक गतिविधियों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
चेन्नई पुलिस अब “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन” के लक्ष्य के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।





