तमिलनाडू

Tamil Nadu: सौर ऊर्जा उत्पादन 8.5 GW तक पहुंचा, 2030 तक 20 GW का लक्ष्य

Kavita2
28 April 2026 6:55 AM IST
Tamil Nadu: सौर ऊर्जा उत्पादन 8.5 GW तक पहुंचा, 2030 तक 20 GW का लक्ष्य
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Tamil Nadu तमिलनाडु: सोलर एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. शिवकुमार ने जानकारी दी है कि राज्य में वर्तमान में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 8.5 गीगावाट (GW) तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु और पूरे भारत में सौर ऊर्जा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है।

यह बयान चेन्नई के नंदंबक्कम ट्रेड सेंटर में सोमवार को आयोजित 10वीं साउथ इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह के दौरान दिया गया। यह आयोजन बुधवार (29 अप्रैल) तक चलेगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और वैश्विक प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस मौके पर फ्रॉस्ट एंड सुलिवन की एसोसिएट डायरेक्टर (इकोनॉमिक एनालिसिस) नेहा थॉमस, ऑस्ट्रेलियन डिप्टी हाई कमिश्नर चिलाई जैकी और इंफॉर्मा मार्केट्स के एनर्जी सेक्टर के सीनियर ग्रुप डायरेक्टर रजनीश खट्टर सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश मुद्रास ने कहा कि तमिलनाडु तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 तक भारत की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी का योगदान 39.66 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो देश के ऊर्जा परिवर्तन की दिशा को दर्शाता है।

पी. शिवकुमार ने कहा कि भारत ने 2030 तक 280 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जबकि तमिलनाडु ने 20 गीगावाट का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में राज्य 8.5 गीगावाट उत्पादन पर है, इसलिए लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी काफी काम बाकी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को नेट मीटरिंग सिस्टम को बढ़ावा देना चाहिए और नेटवर्क चार्ज कम करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए, ताकि उद्योग और व्यवसाय आसानी से सौर ऊर्जा उत्पादन को अपनाकर इसमें भागीदारी कर सकें।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ सकें।

इस सम्मेलन में यह भी चर्चा हुई कि दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु, भविष्य में भारत के ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

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