
Tamil Nadu तमिलनाडु: मध्य पूर्व में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ते प्रतिबंधों के बीच एक भारतीय नाविक की मौत का मामला सामने आया है। भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि तमिलनाडु के एक नाविक का शव भारत लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह नाविक उस जहाज पर कार्यरत था, जो हालात के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पार नहीं कर सका और ओमान के बंदरगाह पर रुका हुआ था।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल की गतिविधियों के जवाब में इस समुद्री मार्ग को बंद कर दिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गंभीर असर पड़ा।
इसके बाद स्थिति और जटिल हो गई जब अमेरिकी नौसेना ने ईरान के कच्चे तेल व्यापार को रोकने के उद्देश्य से समुद्री निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के जहाज पिछले लगभग दो महीनों से क्षेत्र के बंदरगाहों के आसपास निगरानी और घेराबंदी की स्थिति में हैं। इस कारण समुद्री व्यापार मार्गों पर दबाव और बढ़ गया है।
इन हालात के चलते दुनिया भर के तेल और मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, सौ से अधिक जहाज समुद्र में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं और वे सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित किया है।
इसी दौरान एक भारतीय नाविक जिस जहाज पर कार्यरत था, उसे भी इस स्थिति का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश की थी, लेकिन हालात सामान्य न होने के कारण उसे रोका गया। बाद में अमेरिकी नौसेना ने पिछले महीने की 20 तारीख को उस जहाज, जिसका नाम M.D. Celestial बताया गया है, को रोककर उसकी तलाशी ली थी।
तलाशी और जांच के बाद जहाज को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली और उसे वापस भेज दिया गया। इसके बाद यह जहाज ओमान की ओर गया और वहाँ के तुकुम (Tukum) बंदरगाह पर खड़ा कर दिया गया। इसी जहाज पर कार्यरत तमिलनाडु के नाविक की इसी दौरान मौत हो गई।
Oman के तुकुम बंदरगाह पर रुके इस जहाज में मौजूद नाविक के निधन की सूचना मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने मामले को गंभीरता से लिया है। दूतावास के अनुसार, शव को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।
इस घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच काम कर रहे नाविकों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है।





