तमिलनाडू

Tamil Nadu : रेवेन्यू विभाग ने पट्टा ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज करने के दिए निर्देश

Kavita2
13 Jun 2026 9:10 AM IST
Tamil Nadu : रेवेन्यू विभाग ने पट्टा ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज करने के दिए निर्देश
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Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में भूमि रिकॉर्ड और पट्टा से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन के मालिकाना हक से संबंधित सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें अधिकतम 15 दिनों के भीतर निपटाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम लोगों को समय पर सेवाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

शुक्रवार को चेन्नई स्थित एझिलागम के डिज़ास्टर मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑनलाइन पट्टा ट्रांसफर और ऑटोमैटिक पट्टा ट्रांसफर प्रणाली को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राव कुमार और डीड रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री लोकश तमिलसेल्वन भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड से जुड़े डिजिटल सिस्टम को और अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना था।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई और यह देखा गया कि ऑनलाइन पट्टा ट्रांसफर प्रणाली को और कैसे सरल बनाया जा सकता है। मंत्रियों ने अधिकारियों से कहा कि मौजूदा प्रक्रिया में जहां-जहां तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं आ रही हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए ताकि नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। विशेष रूप से ऑटोमैटिक पट्टा ट्रांसफर सिस्टम की गति और उसकी सटीकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राजस्व विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और डीड रजिस्ट्रेशन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि डीड रजिस्ट्रेशन के बाद पट्टा जारी करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो और डेटा एंट्री का काम अधिक सटीक और डिजिटल तरीके से किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि एक विभाग से दूसरे विभाग तक जानकारी स्वतः और तेजी से पहुंच सके, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने कहा कि तीनों विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा ताकि भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाएं नागरिकों तक तेजी से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर सिस्टम को सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पट्टा ट्रांसफर प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और स्वचालित किया जाएगा, जिससे लोगों को समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

सरकार का मानना है कि भूमि से जुड़े रिकॉर्ड और स्वामित्व दस्तावेज आम जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनसे जुड़ी सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रशासनिक सुधार और तकनीकी एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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