
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के एनर्जी और लॉ मंत्री CTR निर्मल कुमार ने घोषणा की है कि राज्य की सभी जेलों के रिकॉर्ड जल्द ही पूरी तरह से कंप्यूटराइज़ कर दिए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य जेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है। मंत्री ने रविवार को चेन्नई स्थित पुझल सेंट्रल जेल का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कैदियों के रहने के लिए बने डॉरमेट्री, भोजन वितरण प्रणाली, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जेल परिसर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली और अधिकारियों से कैदियों की देखभाल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर चर्चा की।
इसके अलावा, मंत्री CTR निर्मल कुमार ने जेल के भीतर ड्रग्स के अवैध प्रसार को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों और रोकथाम रणनीतियों पर सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि जेल व्यवस्था में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जेल के भीतर एक दुकान (कैन्टीन जैसी सुविधा) शुरू करने की संभावना पर काम किया जाए, ताकि कैदियों को आवश्यक वस्तुएं, फल और अन्य जरूरी सामान उचित तरीके से उपलब्ध कराया जा सके। इस व्यवस्था से कैदियों की मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।
बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री CTR निर्मल कुमार ने बताया कि तमिलनाडु में कुल 13 जेलें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी जेलों में मौजूद दोषियों और अंडरट्रायल कैदियों के रिकॉर्ड का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में कैदियों की संख्या, उनके मामलों और प्रशासनिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण के दौरान जेलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं जैसे कि रसोई व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं, चिकित्सा उपकरण, पीने के पानी की सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी गहन जांच की गई है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जेल प्रणाली को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है ताकि कैदियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया से जेल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और कैदियों से जुड़ी जानकारी को तेजी से और सुरक्षित तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा। इससे न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की संभावना है।
यह कदम तमिलनाडु में सुधारात्मक जेल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में जेल व्यवस्था अधिक आधुनिक और व्यवस्थित हो सकेगी।





