तमिलनाडू

Tamil Nadu: वित्तीय स्थिति पर प्रवीण चक्रवर्ती का बयान, राजस्व व्यवस्था सुधार पर जोर

Kavita2
19 Jun 2026 9:41 AM IST
Tamil Nadu: वित्तीय स्थिति पर प्रवीण चक्रवर्ती का बयान, राजस्व व्यवस्था सुधार पर जोर
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति और राजस्व प्रबंधन को लेकर राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने सरकार की वित्तीय नीति पर टिप्पणी की है। गुरुवार को चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर तरीके से तभी संभाल पाएगी जब राजस्व पूरी तरह से सरकारी खजाने में पहुंचेगा और उसका सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी किए गए व्हाइट पेपर से राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं। उनके अनुसार, रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि राज्य पर भारी कर्ज का बोझ है और ब्याज भुगतान का दबाव भी काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि मौजूदा स्थिति में हर 100 रुपये की आय में से लगभग 22 रुपये केवल ब्याज चुकाने में खर्च हो जाते हैं, जबकि करीब 40 रुपये अनिवार्य सरकारी खर्चों में चले जाते हैं। ऐसे में राज्य के पास विकास कार्यों और जनहित योजनाओं के लिए सीमित संसाधन बचते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़ी मात्रा में राजस्व पहले से तय खर्चों और ब्याज भुगतान में चला जाता है, तो आम लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने और नई योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त धन कैसे बचेगा। उनके अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक राज्य के लिए अनुकूल नहीं है और इसमें सुधार की आवश्यकता है।

राज्य की तुलना अन्य राज्यों से करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ब्याज का बोझ और अनिवार्य खर्चों का अनुपात अधिक है, जो वित्तीय दबाव को और बढ़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का राजस्व पूरी तरह से सरकारी खजाने तक नहीं पहुंच पा रहा है और इसका एक हिस्सा कुछ विशेष स्तरों पर गलत तरीके से उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक इस स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जाएगा, तब तक वित्तीय स्थिति में सुधार संभव नहीं होगा।

कांग्रेस पार्टी के साथ संभावित राजनीतिक सहयोग पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि उम्मीद है कि कांग्रेस तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाग लेगी। हालांकि उन्होंने इस पर कोई विस्तृत राजनीतिक रणनीति साझा नहीं की।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को स्थिर और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। उनके अनुसार, जब तक राजस्व सही तरीके से सरकारी खजाने में नहीं आएगा, तब तक वित्तीय स्थिति को संभालना आसान नहीं होगा।

अंत में उन्होंने दोहराया कि तमिलनाडु सरकार अपनी वित्तीय स्थिति को संभालने की क्षमता रखती है, लेकिन इसके लिए राजस्व संग्रह और उसके सही उपयोग में सुधार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उचित वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता से ही राज्य की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।

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