तमिलनाडू

Tamil Nadu : घरेलू रसोई गैस की कीमत बढ़ोतरी पर राजनीतिक विरोध तेज

Kavita2
8 Jun 2026 9:39 AM IST
Tamil Nadu : घरेलू रसोई गैस की कीमत बढ़ोतरी पर राजनीतिक विरोध तेज
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में घरेलू रसोई गैस की कीमत में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज हो गया है। राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के इस कदम की तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाने से आम जनता, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है।

कांग्रेस की नेता के. सेल्वा पेरुंदकई ने इस बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी अत्यंत निंदनीय है। उनके अनुसार इस कदम से लोगों की रोज़मर्रा की जीवनयापन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि यह बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए, ताकि जनता पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम किया जा सके।

PMK की वरिष्ठ नेता अंबुमणि ने भी गैस की कीमतों में दूसरी बार हुई वृद्धि को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि जनता की रोज़मर्रा की जरूरतों पर सीधा असर डालती है। उनके अनुसार सरकार और तेल कंपनियों को मिलकर ऐसे उपाय करने चाहिए जिससे आम नागरिक इस अतिरिक्त वित्तीय दबाव से बच सकें। अंबुमणि ने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में जनता की सुरक्षा और राहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

वहीं, DMDK की नेता प्रेमलता विजयकांत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का हवाला देकर घरेलू बाजार में गैस के सिलेंडरों की कीमत बढ़ाने की नीति की आलोचना की। उनका कहना है कि तेल कंपनियों के मुनाफे के लिए आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना निंदनीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जनता के हित को देखते हुए मूल्य वृद्धि को तुरंत रोका जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से केवल आर्थिक बोझ नहीं बढ़ता, बल्कि यह राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। तमिलनाडु में गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ने पर विपक्षी दलों के विरोध से सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, ऐसे कदम से सामाजिक स्तर पर भी असंतोष फैलने की संभावना रहती है।

राजनीतिक नेताओं का यह विरोध न केवल जनता के आर्थिक हितों को लेकर है, बल्कि इससे यह संदेश भी जाता है कि राज्य की राजनीति में आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विभिन्न दलों ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

फिलहाल, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार और तेल कंपनियां इस बढ़ोतरी के विरोध का क्या समाधान पेश करती हैं और क्या आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम किया जा सकता है। तमिलनाडु में गैस की कीमतों पर राजनीतिक बहस अब और तेज होने की संभावना है, और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर कई दलों के बयान और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।

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