
Tamil Nadu तमिलनाडु: पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रविवार (28 जून) से राज्यभर में विशेष पोलियो वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य 5 साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करना और भविष्य में इसके किसी भी खतरे को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष लगभग 5.7 मिलियन (57 लाख) बच्चों को पोलियो ड्रॉप देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह अभियान पूरे राज्य में एक ही दिन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य निर्धारित बूथों पर पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाएंगी। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को समय पर बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।
भारत ने पोलियो उन्मूलन के क्षेत्र में पिछले वर्षों में बड़ी सफलता हासिल की है। देश में व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम और नियमित पोलियो अभियान के चलते भारत को पोलियो मुक्त देशों की सूची में शामिल किया गया है। पहले पांच साल से कम उम्र के बच्चों को साल में दो बार पोलियो ड्रॉप्स दी जाती थीं, लेकिन अब स्थिति में सुधार होने के बाद पिछले लगभग छह वर्षों से यह अभियान वर्ष में एक बार आयोजित किया जा रहा है।
इस बदलाव के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोलियो वायरस के पुनः फैलने के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए यह अभियान बेहद जरूरी है। इसलिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग हर साल यह विशेष टीकाकरण अभियान चलाते हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो से वंचित न रह जाए।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान के तहत पूरे राज्य में हजारों टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में भी विशेष टीमें भेजी गई हैं ताकि हर बच्चे तक यह सुविधा पहुंच सके। अभियान के दौरान मोबाइल टीकाकरण टीमों की भी व्यवस्था की गई है जो झुग्गी-बस्तियों, निर्माण स्थलों और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो बूथ पर लेकर आएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। विभाग का कहना है कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों में स्थायी लकवा का कारण बन सकती है, इसलिए इसका समय पर टीकाकरण बेहद आवश्यक है।
राज्य भर में इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निकायों और स्वयंसेवी संगठनों की भी मदद ली जा रही है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप दिलाने के लिए प्रेरित हों।
पोलियो उन्मूलन अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है, जिसके तहत हर जिले में टीकाकरण की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।
इस तरह तमिलनाडु में चल रहा यह व्यापक पोलियो वैक्सीनेशन अभियान बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में पोलियो का कोई भी नया मामला सामने न आए और आने वाली पीढ़ी पूरी तरह सुरक्षित रहे।





