
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक बड़ा वृक्षारोपण अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, जून महीने में चेन्नई कॉर्पोरेशन क्षेत्र में लगभग 50,000 पौधे लगाए जाने की योजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल का उद्देश्य शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और हरित क्षेत्र को विस्तार देना है।
इससे पहले चेन्नई में ‘ग्रीन चेन्नई’ प्रोजेक्ट के तहत पिछले वर्ष भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। इस परियोजना के माध्यम से शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण अभियान चलाया गया था। इसके बाद वन विभाग के सहयोग से मदंबक्कम, मायलापुर सहित तीन प्रमुख क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए थे। इस दौरान विभिन्न प्रकार के पौधों को प्राथमिकता दी गई, जिनमें वीनस, अंजीर, पुंगा, नोवेल्ला और बादाम जैसे पेड़ शामिल थे। इन पौधों का चयन उनकी पर्यावरणीय उपयोगिता और शहर की जलवायु के अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार भी पौधारोपण अभियान को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। कुल मिलाकर 50,000 पौधे लगाए जाएंगे, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में हरियाली बढ़ाने में मदद करेंगे। यह अभियान विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
इस योजना की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को की जाएगी। इस दिन चेन्नई में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर निगम की ओर से औपचारिक रूप से वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन, पर्यावरण कार्यकर्ता और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
पहले चरण में यह अभियान नगर निगम के तीन जोनों में केंद्रित रहेगा। इन जोनों में विशेष रूप से रिहायशी इलाकों के बीच स्थित पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को चुना गया है, जहां पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन वातावरण मिलेगा।
नगर निगम का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण शहर में हरित क्षेत्र कम हो रहे हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में यह वृक्षारोपण अभियान आने वाले समय में शहर के पर्यावरण सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह के और भी पौधारोपण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि चेन्नई को एक अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाया जा सके। स्थानीय नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि अधिक से अधिक पौधों का संरक्षण और देखभाल सुनिश्चित हो सके।





