
Tamil Nadu तमिलनाडु: पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में शनिवार (23 मई) को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह पिछले दस दिनों में तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में भी असर देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव को बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की स्थिति का असर ग्लोबल गैस सप्लाई पर पड़ा है। इसके चलते तेल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक माना जाता है, वहां पर तेल ट्रैफिक में बाधा की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर भारत सहित कई देशों पर पड़ा है, जिनमें श्रीलंका, पाकिस्तान और चीन भी शामिल हैं। इन देशों में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2022 के बाद लगभग चार वर्षों तक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में स्थिरता बनी रही थी और कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था। हालांकि, हाल ही में यह स्थिति बदल गई है और लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
15 मई को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में पहली बड़ी बढ़ोतरी की गई थी, जिसमें दोनों ईंधनों के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। इसके बाद 19 मई को एक बार फिर कीमतों में बदलाव किया गया। इस बार पेट्रोल की कीमतों में 87 सेंट प्रति लीटर और डीज़ल की कीमतों में 91 सेंट प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अब 23 मई को एक बार फिर कीमतों में वृद्धि होने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही बढ़ोतरी ने परिवहन लागत, वस्तुओं की ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर डालना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति सामान्य न होने तक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है। तेल आपूर्ति में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
सरकार और तेल कंपनियों की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।





