
Tamil Nadu तमिलनाडु: वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है। इसी के असर को देखते हुए बुधवार (27 मई) को एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले लगभग दो हफ्तों में ईंधन की कीमतों में कई बार वृद्धि हो चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पर बाधाओं के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को बढ़ा दिया है, जिसका असर भारत सहित कई देशों के ईंधन बाजार पर दिखाई दे रहा है।
इन परिस्थितियों के बीच पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो हफ्तों के भीतर कई बार दाम बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस बढ़ोतरी के कारण वाहन चालकों और आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है।
इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के कम उपयोग की अपील भी की थी, ताकि वैश्विक आपूर्ति संकट के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सके। इसके बाद भी ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी रहा।
ताज़ा बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों में भी ईंधन की कीमतों में बदलाव देखा गया है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 33 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीज़ल की कीमत 32 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 99.98 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
लगातार हो रही इन बढ़ोतरी के चलते परिवहन लागत पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आगे चलकर कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य न होने तक ईंधन की कीमतों में स्थिरता की संभावना कम बनी हुई है।
फिलहाल स्थिति यह है कि वैश्विक तनाव और आपूर्ति बाधाओं के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।





