
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में स्कूल अप्रूवल और मान्यता से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.डी. अरसाकुमार के खिलाफ बड़ा कानूनी एक्शन लिया गया है। अदालत ने उन्हें पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। इस मामले में जांच सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) द्वारा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पी.डी. अरसाकुमार चेन्नई के सालिग्रामम इलाके में “तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन” नाम से एक अनरजिस्टर्ड संगठन चला रहे थे। आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक और प्रभावशाली संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए राज्य भर के कई निजी स्कूलों के लिए परमानेंट रिकग्निशन, स्कूल अपग्रेडेशन, DTCP/CMDA परमिट और अन्य कानूनी मंजूरी दिलाने का दावा किया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के नाम पर उन्होंने कई स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स से भारी मात्रा में पैसे वसूले। आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क बिना किसी वैध अनुमति के चल रहा था और इसमें स्कूलों से करोड़ों रुपये की वसूली की गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस कथित घोटाले की कुल राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ स्कूल प्रबंधन की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई कि उनसे अप्रूवल और मान्यता के नाम पर पैसे लिए गए, लेकिन न तो कोई आधिकारिक मंजूरी दी गई और न ही रकम वापस की गई। शिकायतों के आधार पर चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच में केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े सबूत मिले, जिनके आधार पर आरोपों को गंभीर माना गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पी.डी. अरसाकुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच आगे बढ़ने पर एक अन्य आरोपी, जिसे प्रिंस के नाम से पहचाना गया है, को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें स्कूलों से पैसे लेकर उन्हें विभिन्न प्रकार के सरकारी अप्रूवल दिलाने का भरोसा दिया जाता था। लेकिन जांच में यह सामने आया कि कई मामलों में न तो कोई वैध प्रक्रिया पूरी की गई और न ही स्कूलों को अपेक्षित दस्तावेज या अनुमति मिली।
इसके बाद सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने पी.डी. अरसाकुमार से विस्तृत पूछताछ के लिए अदालत में रिमांड याचिका दायर की। CBCID स्पेशल कोर्ट में पेश किए गए आवेदन में पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपी से गहन पूछताछ जरूरी है, ताकि पूरे नेटवर्क, लेन-देन और अन्य शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
कोर्ट ने दलीलों पर विचार करते हुए आरोपी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। इस दौरान पुलिस उनसे वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, अन्य सहयोगियों और कथित घोटाले से जुड़े दस्तावेजों के बारे में पूछताछ करेगी।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा क्षेत्र में भी हलचल देखी जा रही है। कई निजी स्कूल संगठनों ने इस तरह की धोखाधड़ी पर चिंता जताई है और कहा है कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की ठगी या फर्जीवाड़ा न हो सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, चेन्नई में सामने आए इस कथित 100 करोड़ रुपये के स्कूल अप्रूवल घोटाले ने शिक्षा व्यवस्था में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





