
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में विधानसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक पार्टी का समर्थन करने के आरोप में पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन के आदेश पर संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, मायिलम पंचायत यूनियन के अंतर्गत आने वाली वेंकंथूर पंचायत परिषद में पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत मुनियांदी (52) पर हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने और समर्थन देने का आरोप लगा था। मामले की शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी कर्मचारी होने के कारण चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखना सेवा नियमों का हिस्सा माना जाता है। इसी आधार पर पंचायत सचिव के खिलाफ जांच की जा रही थी। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज और अन्य जानकारियां जुटाई गईं।
मामले की समीक्षा के बाद विल्लुपुरम के जिला मजिस्ट्रेट शेख अब्दुल रहमान के निर्देश पर जिला ग्रामीण विकास विभाग प्रशासन ने मंगलवार को पंचायत सचिव मुनियांदी के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया। आदेश जारी होते ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को सेवा नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है और चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इसी कारण शिकायत मिलने पर विभागीय कार्रवाई की गई।
हालांकि इस मामले में पंचायत सचिव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभागीय जांच आगे भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों की निष्पक्ष भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, जबकि कुछ लोग मामले की पूरी जांच के बाद ही अंतिम निर्णय की बात कह रहे हैं।
वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेवा नियमों का पालन जरूरी है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी चुनावी आचार और सेवा नियमों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल मामला विभागीय जांच के अधीन है और आगे की प्रक्रिया प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी।





