
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने बताया है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में अब तक 1,52,625 छात्रों को एडमिशन दिया जा चुका है। उन्होंने यह जानकारी चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी, जहां नए शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए छात्र नामांकन अभियान की शुरुआत की गई।
शुक्रवार को मंत्री राजमोहन चेन्नई के चिंथादिरपेट स्थित एक सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने औपचारिक रूप से नए शैक्षणिक वर्ष के लिए स्टूडेंट रिक्रूटमेंट ड्राइव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने नए दाखिला लेने वाले छात्रों को पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और रंगीन पेंसिल जैसी शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री राजमोहन ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 के लिए सरकारी स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,52,625 छात्रों को एडमिशन दिया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य इस शैक्षणिक वर्ष में कुल 4 लाख छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला देने का है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक छात्र सरकारी शिक्षा प्रणाली से जुड़ें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाएं। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी दौरान मंत्री राजमोहन ने निजी और सरकारी स्कूलों में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में फेल होने वाले छात्रों की संख्या सरकारी स्कूलों में फेल होने वाले छात्रों के बराबर है, और यह धारणा सही नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर कमजोर है। उन्होंने कहा कि दोनों ही तरह के स्कूलों में छात्रों के परिणाम लगभग समान हैं।
मंत्री ने स्कूलों की सुविधाओं को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली ही पिटीशन पर स्कूलों में बंद पड़े टॉयलेट, पीने के पानी की व्यवस्था और क्लासरूम की जरूरतों को लेकर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में यदि किसी प्रकार की कमी या आवश्यकता सामने आती है, तो उसे पिटीशन के माध्यम से दर्ज कराने पर तुरंत सुधार किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों को बेहतर माहौल देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। शिक्षा विभाग का ध्यान बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ नामांकन बढ़ाने पर भी केंद्रित है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे सरकारी स्कूलों से जुड़ सकें और शिक्षा के अवसरों का लाभ उठा सकें।





