तमिलनाडू

Tamil Nadu : प्राइवेट स्कूलों में ट्यूशन फीस नोटिस बोर्ड पर दिखाने का आदेश

Kavita2
3 Jun 2026 9:28 AM IST
Tamil Nadu : प्राइवेट स्कूलों में ट्यूशन फीस नोटिस बोर्ड पर दिखाने का आदेश
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी ट्यूशन फीस की जानकारी नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। यह कदम पेरेंट्स और अभिभावकों को फीस की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनावश्यक शुल्क वसूलने की शिकायतों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

तमिलनाडु में 12,000 से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों की ट्यूशन फीस राज्य की प्राइवेट स्कूल फीस तय करने वाली कमिटी निर्धारित करती है। हालांकि, शिक्षा विभाग और पेरेंट्स की शिकायतों के अनुसार, कुछ प्राइवेट स्कूल तय फीस से अधिक राशि वसूल रहे हैं।

इस स्थिति को देखते हुए, तमिलनाडु स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर इलमपरिथी ने पिछले हफ्ते एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें कहा गया कि सभी प्राइवेट स्कूल अपनी ट्यूशन फीस की डिटेल्स नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करें। साथ ही, प्राइवेट स्कूल डायरेक्टरेट को 16 जून तक इस संबंध में रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया गया।

इस नोटिफिकेशन के पालन में प्राइवेट स्कूल डायरेक्टरेट ने अब सभी स्कूलों को आदेश जारी किया है। डायरेक्टर सुकन्या की तरफ से सभी डिस्ट्रिक्ट प्रिंसिपल एजुकेशन ऑफिसर्स को सर्कुलर भेजा गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक स्कूल अपनी तय ट्यूशन फीस नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें और अभिभावकों को फीस संबंधी जानकारी सहज रूप से उपलब्ध कराएं।

शिक्षा विभाग ने कहा है कि यह कदम अभिभावकों के अधिकार की रक्षा और फीस वसूली में पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है। नोटिस बोर्ड पर ट्यूशन फीस प्रकाशित करने से पेरेंट्स को फीस की वास्तविक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की अनियमित वसूली पर नजर रखी जा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्देश से प्राइवेट स्कूलों में फीस संरचना पर निगरानी बढ़ेगी और अभिभावकों में विश्वास कायम होगा। साथ ही, यह कदम फीस विवाद और शिकायतों को कम करने में मदद करेगा।

डायरेक्टरेट ने यह भी कहा है कि नोटिस बोर्ड पर फीस की जानकारी स्पष्ट और आसानी से पढ़ने योग्य होनी चाहिए। इसमें प्रत्येक कक्षा और कोर्स की ट्यूशन फीस, अतिरिक्त शुल्क और अन्य भुगतान विवरण शामिल होने चाहिए। स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे इस नियम का पालन सुनिश्चित करें और निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रेषित करें।

प्राइवेट स्कूलों और अभिभावकों के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि निर्देश का पालन नहीं किया गया, तो कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं

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