
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत राज्यभर में शराब की रिटेल दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत अब तक 436 शराब की दुकानें और उनसे जुड़े बार बंद किए जा चुके हैं। यह जानकारी राज्य के शराबबंदी और एक्साइज मंत्री के. विग्नेश ने दी है।
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु में कुल 717 शराब रिटेल दुकानों को बंद करने का आदेश 11 मई को जारी किया गया था। यह आदेश उन दुकानों पर लागू किया गया है जो शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और बस स्टैंड के आसपास संचालित हो रही थीं। सरकार का मानना है कि इन स्थानों के आसपास शराब की बिक्री सामाजिक और सार्वजनिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
यह आदेश उस समय जारी किया गया था जब राज्य में प्रशासनिक बदलाव के बाद नई सरकार ने कार्यभार संभाला था। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के पदभार ग्रहण करने के अगले दिन ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके बाद तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) को इन दुकानों को बंद करने की जिम्मेदारी दी गई।
इस मामले की समीक्षा के लिए शनिवार को तमिलनाडु स्टेट चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता शराबबंदी और एक्साइज मंत्री के. विग्नेश ने की। बैठक में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई और आगे की योजना पर चर्चा की गई।
मंत्री के. विग्नेश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाकी बची हुई शराब की रिटेल दुकानों और उनसे जुड़े बार को जल्द से जल्द बंद करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आदेश का पालन प्रभावी तरीके से हो और निर्धारित स्थानों पर शराब की बिक्री पूरी तरह समाप्त की जाए।
इसके साथ ही मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जिन दुकानों को बंद किया जा रहा है, वहां कार्यरत कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कर्मचारियों को बिना किसी नुकसान के पास की अन्य शराब दुकानों में समायोजित किया जाए, ताकि उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर न पड़े।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बंद की गई दुकानों का पुनर्व्यवस्थापन और कर्मचारियों का समायोजन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौती है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि यह पूरी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए।
फिलहाल राज्य में शेष दुकानों को बंद करने की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस दिशा में और तेज कदम उठाए जाने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय सार्वजनिक हित और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।





