तमिलनाडू

तमिलनाडु: वैकुंठ एकादशी पर कूडल अज़गर मंदिर में स्वर्ग वासल के भव्य उद्घाटन के सजीव दृश्य

SHIDDHANT
30 Dec 2025 10:05 PM IST
तमिलनाडु: वैकुंठ एकादशी पर कूडल अज़गर मंदिर में स्वर्ग वासल के भव्य उद्घाटन के सजीव दृश्य
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Tamil Nadu तमिलनाडु: प्रसिद्ध श्री कूडल अज़गर मंदिर में वैकुंठ एकादशी के पावन अवसर पर मंगलवार को स्वर्ग वासल (स्वर्ग द्वार) के उद्घाटन का भव्य आयोजन किया गया। मदुरै स्थित अरुलमिगु कूडल अज़गर पेरुमल मंदिर में सुबह तड़के वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और भक्ति संगीत के बीच स्वर्ग वासल खोला गया, जिसका सजीव दृश्य श्रद्धालुओं और भक्तों ने देखा।
वैकुंठ एकादशी को भगवान विष्णु के भक्तों के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक
मान्यता
के अनुसार, इस दिन स्वर्ग वासल से होकर मंदिर में प्रवेश करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु कूडल अज़गर मंदिर पहुंचते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा मंदिर परिसर ‘गोविंदा गोविंदा’ और ‘नारायण नारायण’ के जयघोष से गूंज उठा।
स्वर्ग वासल के उद्घाटन के बाद भगवान कूडल अज़गर पेरुमल को विशेष अलंकरण के साथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया। इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान को पालकी में विराजमान कर मंदिर के प्रांगण और आसपास के मार्गों से भ्रमण कराया गया। इस दौरान भक्तों ने फूलों की वर्षा की और दीप जलाकर भगवान के दर्शन किए।
मंदिर प्रशासन ने वैकुंठ एकादशी को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी, वहीं दर्शन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और प्रसाद वितरण की भी उचित व्यवस्था की गई थी। प्रशासन के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कूडल अज़गर मंदिर वैष्णव संप्रदाय के 108 दिव्यदेशम मंदिरों में से एक है और इसका धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। वैकुंठ एकादशी के दिन यहां होने वाले अनुष्ठान और शोभायात्रा को देखने के लिए न केवल तमिलनाडु, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आते हैं। इस पर्व के दौरान मंदिर में 10 दिनों तक चलने वाले विशेष उत्सवों का समापन भी होता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि वैकुंठ एकादशी के दिन भगवान विष्णु अपने भक्तों को विशेष कृपा प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के साथ भक्तों ने व्रत रखकर स्वर्ग वासल से होकर दर्शन किए और परिवार, समाज व राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
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