
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में बढ़ते तापमान के बीच बच्चों में चिकनपॉक्स के मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट तमिलनाडु ने राज्य भर के स्कूलों को इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इसके तहत सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन को सर्कुलर और विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं।
चिकनपॉक्स, जिसे चिकनपॉक्स भी कहा जाता है, वैरिसेला वायरस के कारण फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन बच्चों में इसका प्रभाव अधिक देखा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है, क्योंकि इस दौरान वातावरण में वायरस के सक्रिय होने की स्थितियां अनुकूल हो जाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिकनपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, उसकी लार, खांसी या छींक के जरिए तेजी से फैल सकता है। खासकर ऐसे बच्चे जो कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी) रखते हैं या अस्वच्छ वातावरण में रहते हैं, वे इस संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
बीमारी के शुरुआती लक्षणों में हल्का बुखार, थकान, शरीर में दर्द, भूख न लगना और सुस्ती शामिल हैं। इसके बाद शरीर पर छोटे-छोटे पानी से भरे छाले निकलने लगते हैं, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाते हैं। आमतौर पर यह बीमारी हल्की होती है, लेकिन समय पर इलाज और देखभाल न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकती है। कुछ मामलों में इससे निमोनिया, एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन) और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि यदि किसी छात्र में चिकनपॉक्स के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत उसके अभिभावकों को सूचित किया जाए और बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी जाए। साथ ही, ऐसे बच्चों को कम से कम 7 से 10 दिनों तक घर पर आइसोलेट रखने की हिदायत दी गई है, ताकि संक्रमण अन्य छात्रों में न फैले।
इसके अलावा, स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया है। छात्रों को बार-बार हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने जैसी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों को चिकनपॉक्स हुआ है, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने तक स्कूल नहीं भेजा जाना चाहिए। इस दिशा में स्कूल प्रशासन और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी अहम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और स्कूलों में संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इन दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो चिकनपॉक्स के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।





