
Tamil Nadu तमिलनाडु: वेल्लोर जिले में ब्रह्मपुरम और रंगपुरम के बीच लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल को हाल ही में जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया है। यह पुल क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को यात्रा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी बीच बुधवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के वरिष्ठ नेता और जनरल सेक्रेटरी दुरईमुरुगन ने इस नए पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जैसे ही वे मौके पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल काफी उत्साहपूर्ण नजर आया और बड़ी संख्या में लोग भी वहां एकत्र हुए।
निरीक्षण के बाद दुरईमुरुगन ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस परियोजना और सरकारी कार्य प्रणाली पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में लोन लेना कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार, DMK से पहले सत्ता में रहे लोगों ने भी लोन लिए थे और जब उनकी पार्टी सत्ता में थी, तब भी विकास कार्यों के लिए लोन लिए गए थे। उन्होंने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस सड़क और पुल के निर्माण के लिए लंबे समय तक मेहनत की और करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी कराई गई। दुरईमुरुगन ने भावुक अंदाज में कहा कि जब वे इस पुल को देखते हैं तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे अपनी बेटी को देख रहे हों। उनके अनुसार यह परियोजना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसके पूरा होने पर उन्हें अत्यधिक खुशी महसूस हो रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक उद्घाटन कार्यक्रम नहीं था। उनका कहना था कि उद्घाटन करने की जिम्मेदारी वर्तमान सरकार और संबंधित मंत्रियों की होती है। वे केवल उस निर्माण कार्य को देखने और निरीक्षण करने आए थे जिसे उन्होंने अपने प्रयासों से आगे बढ़ाया था।
इस नए पुल के शुरू होने से ब्रह्मपुरम और रंगपुरम के बीच यात्रा समय में कमी आने की संभावना है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, लेकिन अब इस पुल के बनने से आवागमन काफी आसान हो गया है। इससे क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और दैनिक जीवन की गतिविधियों में भी सुधार की उम्मीद की जा रही है।
कुल मिलाकर यह 100 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल वेल्लोर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में लोगों के जीवन को और अधिक सुगम बनाने में मदद करेगा।





