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Tamil Nadu : कॉलेजों की सीटों में बढ़ोतरी

Kavita2
27 Jun 2026 9:28 AM IST
Tamil Nadu : कॉलेजों की सीटों में बढ़ोतरी
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Tamil Nadu तमिलनाडु: उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्व-वित्तपोषित (सेल्फ-फाइनेंसिंग) कला एवं विज्ञान महाविद्यालयों में आवश्यक कोर्सों में छात्रों के प्रवेश संख्या बढ़ाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत विभिन्न श्रेणियों के कॉलेजों में क्रमशः 20 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति दी गई है।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव वी. अरुण राय द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पिछले शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में भी इसी तरह का विस्तार किया गया था। उस समय प्रयोगशाला (लैब) सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्व-वित्तपोषित कॉलेजों में क्रमशः 20 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति प्रदान की गई थी। इस निर्णय का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना था।

शिक्षा विभाग के अनुसार, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने 11 जून को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में विभिन्न श्रेणियों के कॉलेजों में आवश्यक कला और विज्ञान कोर्सों में अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। इस सिफारिश पर विचार करते हुए सरकार ने इसे मंजूरी प्रदान कर दी है।

नए आदेश के अनुसार, सरकारी कला एवं विज्ञान कॉलेजों में आवश्यक कोर्सों में छात्रों की प्रवेश क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है। इसी प्रकार, सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में यह वृद्धि 15 प्रतिशत तक तय की गई है। वहीं, स्व-वित्तपोषित कॉलेजों में भी आवश्यक कोर्सों में 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति दी गई है।

यह निर्णय राज्य में उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि बढ़ती छात्र संख्या और शिक्षा की मांग को देखते हुए कॉलेजों की क्षमता में विस्तार आवश्यक है। इससे अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और सीटों की कमी के कारण किसी भी योग्य छात्र को वंचित नहीं रहना पड़ेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस नीति का आधार कॉलेजों में उपलब्ध भौतिक संसाधन, प्रयोगशालाओं की क्षमता और शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता है। पिछले वर्ष किए गए विस्तार के अनुभवों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि कई कॉलेज अतिरिक्त छात्रों को सफलतापूर्वक संभालने में सक्षम हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी प्रवेश क्षमता बढ़ाने का फैसला किया गया है।

कॉलेज शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने में मदद करेगा। विशेषकर विज्ञान और कला विषयों में बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय छात्रों के हित में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिल सकेंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में यह बढ़ोतरी उच्च शिक्षा में नामांकन दर को बढ़ाने में सहायक होगी। साथ ही, इससे कॉलेजों में संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अतिरिक्त छात्रों के प्रवेश के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और शिक्षण सुविधाओं को भी मजबूत करना आवश्यक होगा।

सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश केवल आवश्यक कला और विज्ञान कोर्सों पर लागू होगा और इसे तय मानकों के अनुसार ही लागू किया जाएगा। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।

कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार का यह निर्णय राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे हजारों छात्रों को अतिरिक्त अवसर मिलेंगे और कॉलेज शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यापक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।

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