तमिलनाडू

Tamil Nadu : भारत में गर्मी की लहर से बिजली की खपत में 11.55 प्रतिशत वृद्धि

Kavita2
6 Jun 2026 9:28 AM IST
Tamil Nadu : भारत में गर्मी की लहर से बिजली की खपत में 11.55 प्रतिशत वृद्धि
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Tamil Nadu तमिलनाडु: पूरे देश में तेज़ गर्मी की लहर के चलते मई में भारत में बिजली की खपत में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। सरकारी डेटा के अनुसार, मई 2026 में देश की कुल बिजली की खपत 16,498 करोड़ यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 14,789 करोड़ यूनिट थी। इससे बिजली की खपत में 11.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि का मुख्य कारण कूलिंग इक्विपमेंट जैसे एसी और पंखों का बढ़ा हुआ इस्तेमाल है। मई में लगातार चार दिनों तक बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची। 18 मई को देश की सबसे ज़्यादा बिजली की मांग 257.37 GW दर्ज की गई। इसके बाद 19 मई को यह बढ़कर 260.45 GW, 20 मई को 265.44 GW और 21 मई को 270.82 GW तक पहुंच गई।

पिछले साल इसी समय बिजली की सबसे अधिक मांग 230.99 GW थी, जबकि मई 2024 में यह 250 GW थी। इस साल गर्मियों में बिजली की पीक मांग को केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने 270 GW तक पहुँचने का अनुमान लगाया था, और मई में ही इस लक्ष्य को पार कर लिया गया। पिछली गर्मियों में जून में बिजली की पीक मांग 242.77 GW दर्ज की गई थी।

विश्लेषकों का कहना है कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत में गर्मियों में बिजली की खपत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में वृद्धि बिजली उत्पादन और वितरण प्रणाली के लिए चुनौतियां पेश कर सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा बचत के उपायों को अपनाने की आवश्यकता है ताकि उच्च मांग के दौरान आपूर्ति में किसी तरह की कमी न हो।

विद्युत मंत्रालय ने बताया कि देश में बिजली वितरण कंपनियां इस मांग को पूरा करने के लिए पहले से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बिजली ग्रिड की क्षमता और उत्पादन की योजना में सुधार करके पिक लोड के दौरान किसी भी तरह के बिजली कटौती को रोका जा सकेगा।

इस रिकॉर्ड वृद्धि ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में गर्मियों में बिजली की खपत लगातार नए स्तर तक पहुंच रही है। बिजली मंत्रालय और राज्य ऊर्जा विभागों ने जनता को सलाह दी है कि पिक समय पर बिजली की खपत को कम करने के लिए ऊर्जा बचत उपायों को अपनाएं, जैसे कि एसी का तापमान 24-26 डिग्री पर रखना, लाइटिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का स्मार्ट उपयोग करना।

इस आंकड़े से यह भी संकेत मिलता है कि भारत में बिजली की मांग का पैटर्न बदल रहा है। पूर्व में गर्मियों में पीक बिजली मांग जून और जुलाई में दर्ज होती थी, लेकिन अब मई में ही बिजली की खपत अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच रही है। यह बदलाव ऊर्जा प्रबंधन और ग्रिड संचालन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, इस साल मई में बिजली की खपत 11.55 प्रतिशत बढ़कर 16,498 करोड़ यूनिट तक पहुँच गई, जो पिछले वर्षों के मुकाबले एक नया रिकॉर्ड है। बिजली मंत्रालय और विशेषज्ञ इस वृद्धि को नियंत्रित करने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।

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