तमिलनाडू

Tamil Nadu : गवर्नर की सुरक्षा गाड़ियों में कटौती, अब 10 की जगह 4 वाहन रहेंगे

Kavita2
17 May 2026 9:41 AM IST
Tamil Nadu : गवर्नर की सुरक्षा गाड़ियों में कटौती, अब 10 की जगह 4 वाहन रहेंगे
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु राजभवन की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि राज्यपाल वी.आर.एल. ओरलेकर (मोदी) की सुरक्षा में तैनात पुलिस गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने का आग्रह किया था।

गवर्नर ऑफिस के अनुसार, प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल वी.आर.एल. ओरलेकर ने स्वयं अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की सलाह दी। इसके बाद सुरक्षा गाड़ियों की संख्या को कम करने का निर्णय लागू किया गया। यह कदम ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है।

प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि पहले राज्यपाल अपने आधिकारिक कार्यक्रमों, सरकारी बैठकों और निजी आयोजनों में भाग लेने के लिए यात्रा के दौरान लगभग 10 पुलिस सुरक्षा वाहनों का इस्तेमाल करते थे। इन वाहनों का उपयोग उनकी सुरक्षा व्यवस्था के तहत विभिन्न स्थानों पर आने-जाने के लिए किया जाता था।

अब सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए इन वाहनों की संख्या घटाकर 4 कर दी गई है। इसका मतलब है कि राज्यपाल की सुरक्षा में अब पहले की तुलना में कम वाहन तैनात रहेंगे, जिससे ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।

राजभवन की ओर से जारी बयान में यह भी बताया गया है कि यह निर्णय प्रतीकात्मक रूप से ईंधन बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि उच्च पदों पर बैठे लोगों को भी देशहित में संसाधनों के संरक्षण की दिशा में पहल करनी चाहिए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि पेट्रोल और डीजल का उपयोग सोच-समझकर और कम मात्रा में किया जाए, ताकि ऊर्जा संसाधनों की बचत हो सके और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़े। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए राज्यपाल कार्यालय ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव किया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा में कटौती का यह निर्णय पूरी तरह से पुनर्गठन और ईंधन बचत की नीति के तहत लिया गया है, जिसमें सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को कम वाहनों के साथ भी प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक संशोधन किए गए हैं।

इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे प्रतीकात्मक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी एक संदेश है कि संसाधनों का सीमित और समझदारी से उपयोग किया जाए।

कुल मिलाकर, तमिलनाडु के राज्यपाल की सुरक्षा गाड़ियों में की गई यह कटौती ईंधन बचत और संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक प्रशासनिक पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे सरकारी स्तर पर ऊर्जा संरक्षण के संदेश को बल मिला है।

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