
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए लगातार सख्त और सक्रिय कदम उठा रही है। उन्होंने कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना को “अस्वीकार्य” और “बहुत बड़ा नुकसान” बताया।
मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता और सरकार इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए पुलिसिंग और जनभागीदारी दोनों स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन का लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
राजमोहन ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है और पूरे राज्य में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में हिस्ट्रीशीटर और आदतन अपराधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के सामने आते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को सक्रिय किया गया है। इसके तहत पुलिस टीमें तेजी से मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई करती हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को पहले ही रोकने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करना है। इसके लिए पुलिस विभाग को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
कोयंबटूर की घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है, जबकि सरकार का दावा है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।





