तमिलनाडू

Tamil Nadu : अमोनिया गैस इस्तेमाल करने वाली खाद्य इकाइयों की होगी जांच

Kavita2
11 July 2026 9:06 AM IST
Tamil Nadu : अमोनिया गैस इस्तेमाल करने वाली खाद्य इकाइयों की होगी जांच
x

चेन्नई : तमिलनाडु में हाल ही में हुई अमोनिया गैस रिसाव की गंभीर घटना के बाद राज्य का फूड सेफ्टी विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने अमोनिया गैस का उपयोग करने वाली सभी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, सीफूड एक्सपोर्ट कंपनियों और अन्य खाद्य उद्योगों का व्यापक निरीक्षण कराने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा मानकों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द राज्य मुख्यालय को भेजें।

यह निर्णय पिछले महीने 21 तारीख को तिरुवल्लूर जिले के पेरियापलायम के निकट कन्निकाईपो गांव स्थित एक सीफूड निर्यात फैक्ट्री में हुई अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद लिया गया है। इस हादसे में गैस लीक होने से बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हुए थे। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित प्लांट को सील कर दिया था और पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी।

अब फूड सेफ्टी विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी जिला फूड सेफ्टी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित उन सभी खाद्य उद्योगों की पहचान करें, जहां अमोनिया गैस का उपयोग किया जाता है। निरीक्षण के दौरान गैस भंडारण, पाइपलाइन व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण, गैस रिसाव रोकने की प्रणाली, आपातकालीन निकासी व्यवस्था तथा कर्मचारियों के सुरक्षा प्रशिक्षण सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि यदि किसी इकाई में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है या गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही निरीक्षण के बाद प्रत्येक जिले से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अमोनिया गैस का उपयोग खाद्य उद्योगों में मुख्य रूप से रेफ्रिजरेंट (शीतलक) के रूप में किया जाता है। यह बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सीफूड एक्सपोर्ट प्लांट, डेयरी उद्योग और औद्योगिक आइस प्लांट में व्यापक रूप से इस्तेमाल होती है। इसकी मदद से कम तापमान बनाए रखा जाता है, जिससे खाद्य पदार्थ लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।

अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक उपयोग के लिए अमोनिया एक प्रभावी और किफायती रेफ्रिजरेंट माना जाता है, लेकिन इसके साथ उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था भी आवश्यक होती है। यदि गैस भंडारण, पाइपलाइन या मशीनों के रखरखाव में लापरवाही बरती जाए तो गैस रिसाव की आशंका बढ़ जाती है, जिससे कर्मचारियों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

निरीक्षण अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि संबंधित इकाइयों में गैस रिसाव का पता लगाने वाले सेंसर, अलार्म सिस्टम, वेंटिलेशन व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं तथा समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित किए जाते हैं या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उद्योगों में सुरक्षा मानकों का पालन केवल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। किसी भी प्रकार की औद्योगिक दुर्घटना उत्पादन, निर्यात और उपभोक्ताओं के विश्वास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

राज्य सरकार का मानना है कि हाल की घटना भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इसलिए केवल एक इकाई तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरे राज्य में अमोनिया गैस का उपयोग करने वाले सभी खाद्य उद्योगों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सके।

फूड सेफ्टी विभाग ने सभी उद्योग संचालकों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें, गैस आधारित उपकरणों का नियमित रखरखाव कराएं और कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। विभाग का कहना है कि यदि सभी इकाइयां निर्धारित मानकों का पालन करेंगी तो भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकेगी।

राज्यभर में शुरू होने वाला यह विशेष निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करेगी और जिन इकाइयों में गंभीर कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

Next Story