
Tamil Nadu तमिलनाडु: रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को सख्त करते हुए जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। अब ट्रेन में बिना वैध टिकट यात्रा करने पर कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले यह जुर्माना 250 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। यह नया नियम 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगा।
देश में रोजाना लगभग 13,000 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें 2.50 करोड़ से अधिक यात्री सफर करते हैं। इतने बड़े नेटवर्क में बिना टिकट यात्रा की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इन्हीं मामलों को देखते हुए Ministry of Railways ने जुर्माने की व्यवस्था को अपडेट करने का फैसला लिया है, ताकि नियमों का पालन सख्ती से कराया जा सके।
नए नियम के अनुसार, यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट के पकड़ा जाता है तो उसे न्यूनतम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही संबंधित यात्रा का पूरा किराया भी वसूला जाएगा। यानी यात्री को किराया और जुर्माना दोनों चुकाने होंगे।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम पर बुक किए गए टिकट के साथ यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उसे भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में भी यात्री से अतिरिक्त 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही मूल किराया भी देना अनिवार्य होगा।
अगर कोई यात्री जुर्माना तुरंत नहीं भरता है, तो मामला आगे कानूनी प्रक्रिया में भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कार्रवाई भी हो सकती है। रेलवे का कहना है कि यह कदम यात्रियों में अनुशासन बढ़ाने और बिना टिकट यात्रा को रोकने के लिए उठाया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा न केवल राजस्व नुकसान का कारण बनती है, बल्कि वास्तविक टिकट धारक यात्रियों के लिए भी असुविधा पैदा करती है। इसी वजह से जुर्माने की राशि बढ़ाकर नियमों को और प्रभावी बनाया गया है।
नए नियम लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बिना टिकट यात्रा के मामलों में कमी आएगी और रेलवे सिस्टम में पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।





