
Tamil Nadu तमिलनाडु: फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि वह 22 जून से राज्य में किसानों के हित में बड़ा प्रोटेस्ट शुरू करेगा। एसोसिएशन की मुख्य मांग है कि चुनावी वादों के अनुसार कोऑपरेटिव फसल लोन को पूरी तरह माफ किया जाए। किसानों का यह आंदोलन राज्य सरकार के सामने एक स्पष्ट संदेश है कि कृषि ऋण माफी को लागू करने में देरी स्वीकार्य नहीं है।
एसोसिएशन के फाउंडर और वकील ईसन मुरुगासामी ने एक बयान जारी कर कहा कि नई बनी सरकारें कई लंबित किसान लोन माफ कर रही हैं, लेकिन तमिलनाडु में अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं देखा गया है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले हफ्ते महाराष्ट्र सरकार ने 56 लाख किसानों के 36,000 करोड़ रुपये के लोन माफ कर दिए, जिससे किसानों को वित्तीय राहत मिली।
तमिलनाडु में विक्ट्री पार्टी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि राज्य में पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों का कोऑपरेटिव फसल लोन पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसके अलावा, पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के लिए 50 प्रतिशत लोन माफी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अभी तक इस वादे को लागू नहीं किया गया है, जिस वजह से किसान असंतुष्ट हैं और उन्होंने सड़कों पर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
ईसन मुरुगासामी ने कहा कि किसान आर्थिक रूप से दबाव में हैं और समय पर ऋण माफी न मिलने से उनकी फसलों और जीवन यापन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों के हित में तत्काल कदम उठाए जाएं और चुनावी वादों को पूरा किया जाए।
एसोसिएशन के मुताबिक, प्रदर्शन केवल केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना तक सीमित नहीं होगा, बल्कि किसानों के हितों को सुरक्षित करने और कृषि क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। किसानों का यह आंदोलन पूरे राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और सरकार से संवाद की उम्मीद जताई गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसानों का यह आंदोलन राज्य सरकार के लिए गंभीर चुनौती हो सकता है। यदि समय पर लोन माफी की कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और बढ़ सकता है और इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। महाराष्ट्र में हाल ही में हुए लोन माफी के फैसले से यह स्पष्ट होता है कि किसानों के हित में सरकारों को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
तमिलनाडु फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं है, बल्कि सरकार से अपने वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करना है। किसान चाहते हैं कि लोन माफी की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हो, ताकि वे अपने कृषि कार्यों और जीवन यापन में वित्तीय दबाव से मुक्त हो सकें।
एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि 22 जून से शुरू होने वाला प्रदर्शन राज्य में किसान संगठनों और आम जनता का ध्यान कृषि ऋण माफी की ओर केंद्रित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार को किसानों के हितों पर ध्यान देना अनिवार्य है।





