Tamil Nadu तमिलनाडु : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शुरुआती परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। राज्य में 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 85.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मतगणना आज सुबह 8 बजे से जारी है और शुरुआती रुझानों के साथ नतीजे सामने आने लगे हैं।
AIADMK के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का हिस्सा रही BJP ने इस चुनाव में कुल 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि शुरुआती नतीजों में पार्टी के कई बड़े चेहरे पीछे चलते दिखाई दे रहे हैं, जिससे पार्टी खेमे में चिंता बढ़ गई है।
मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार, BJP के कुछ प्रमुख उम्मीदवारों को अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला है। इनमें केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन, तमिलिसाई सुंदरराजन और नैनार नागेंद्रन जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो अपनी-अपनी सीटों पर संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
एल. मुरुगन, जो अविनाशी सीट से चुनाव लड़ रहे थे, शुरुआती रुझानों में पीछे बताए जा रहे हैं। इसी तरह तमिलिसाई सुंदरराजन, जो मायलापुर सीट से मैदान में थीं, भी बढ़त हासिल करने में संघर्ष कर रही हैं। वहीं नैनार नागेंद्रन, जो सथुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, भी शुरुआती रुझानों में पिछड़ते दिखाई दिए हैं।
इन नतीजों को BJP के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने इस बार राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि शुरुआती रुझानों ने उम्मीदों के विपरीत तस्वीर पेश की है।
दूसरी ओर, राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करती दिखाई दे रही हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और चुनाव आयोग की निगरानी में प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का प्रभाव अभी भी मजबूत बना हुआ है, और यही कारण है कि राष्ट्रीय दलों को यहां अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती। इस बार भी शुरुआती रुझान इसी प्रवृत्ति की ओर संकेत कर रहे हैं।
हालांकि मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणामों तक स्थिति में बदलाव संभव है, लेकिन शुरुआती रुझानों ने BJP खेमे के लिए चिंता जरूर बढ़ा दी है।
अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में किस पार्टी को कितनी सफलता मिलती है और राज्य की राजनीतिक तस्वीर कैसी बनती है।





