तमिलनाडू

Tamil Nadu : पुलिस विलेज गार्ड के काम के दिनों और वेतन को लेकर विवाद

Kavita2
18 May 2026 9:37 AM IST
Tamil Nadu : पुलिस विलेज गार्ड के काम के दिनों और वेतन को लेकर विवाद
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: पुलिस विभाग से जुड़े विलेज गार्ड के काम के दिनों और वेतन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। PMK नेता अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार से अपील की है कि पुलिस फोर्स में कार्यरत 15,000 से अधिक विलेज गार्ड को वर्तमान व्यवस्था के बजाय पूरे 30 दिन काम दिया जाए और उन्हें नियमित वेतन दिया जाए।

रविवार को जारी अपने बयान में अंबुमणि रामदास ने कहा कि विलेज गार्ड तमिलनाडु पुलिस विभाग को गांव स्तर पर महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हैं। इसके बावजूद उन्हें बहुत कम वेतन मिलता है, जो उनके काम के अनुसार पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विलेज गार्ड के वेतन में वृद्धि करते हुए प्रतिदिन 560 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में यह वेतन लागू किया, लेकिन साथ ही उनके कार्य दिवस घटाकर केवल 5 दिन प्रति माह कर दिए गए। इस बदलाव के कारण उनकी मासिक आय लगभग 2,800 रुपये पर ही सीमित रह गई।

इसके बाद विलेज गार्ड ने लगातार अपने कार्य दिवस बढ़ाने की मांग उठाई, क्योंकि केवल 5 दिन का काम उनके लिए आर्थिक रूप से पर्याप्त नहीं था। उनकी मांग थी कि उन्हें नियमित और पर्याप्त कार्य दिवस दिए जाएं ताकि वे उचित आय अर्जित कर सकें।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में सरकार ने उनके कार्य दिवसों में कुछ बदलाव करते हुए इसे बढ़ाकर 10 दिन प्रति माह कर दिया, लेकिन साथ ही कार्य के घंटे घटाकर 4 घंटे कर दिए गए। इसी दौरान वेतन संरचना में भी बदलाव किया गया, जिसके तहत प्रति दिन 280 रुपये भुगतान की व्यवस्था की गई।

इस पूरे बदलाव के बाद भी विलेज गार्ड की आय और काम की स्थिति को लेकर असंतोष बना हुआ है। उनका कहना है कि काम के घंटे और दिन दोनों में कटौती से उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है।

इसी मुद्दे को उठाते हुए PMK नेता अंबुमणि रामदास ने सरकार से मांग की है कि इस व्यवस्था में सुधार किया जाए और 15,000 से अधिक विलेज गार्ड को 30 दिन की नियमित ड्यूटी दी जाए, ताकि उन्हें स्थिर और पर्याप्त आय मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था में ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले ये कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।

फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय ले सकती है।

Next Story