तमिलनाडू

TamilNadu: गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों ने केंद्र से नीति बनाने की मांग की

Ratna Netam
20 April 2026 2:30 PM IST
TamilNadu: गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों ने केंद्र से नीति बनाने की मांग की
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TamilNadu.तमिलनाडु: तमिलनाडु के गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों ने केंद्र सरकार से नेशनल इंटीग्रेटेड फिशरीज़ पॉलिसी लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों और विभागों के अधीन कार्य करने से मछुआरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मछुआरों का कहना है कि यदि एकीकृत राष्ट्रीय नीति बनाई जाती है तो इससे न केवल मछुआरों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि समुद्री संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के लिए विशेष सुरक्षा उपकरण, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की व्यवस्था जरूरी है।
स्थानीय मछुआरे संघ ने बताया कि वर्तमान में उनके पास सुरक्षा उपकरण और उचित प्रशिक्षण की कमी है, जिससे समुद्र में जोखिम बढ़ गया है। साथ ही, बाजार तक मछली पहुंचाने और मूल्य सुनिश्चित करने के लिए भी उन्हें सहायता की आवश्यकता है। मछुआरों का कहना है कि एक राष्ट्रीय फिशरीज़ नीति इन सभी मुद्दों का समाधान कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे समुद्र मछली पकड़ने वाले मछुआरों की स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील है। उनका रोजगार और जीविका समुद्र की परिस्थितियों और बाजार की अस्थिरता पर निर्भर करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक राष्ट्रीय एकीकृत नीति मछुआरों को लाभ, सुरक्षा और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के लिए दिशानिर्देश प्रदान कर सकती है।
मछुआरों ने प्रशासन से अपील की है कि नीति में आपातकालीन सहायता, मछली पकड़ने की लाइसेंसिंग, इन्श्योरेंस और तकनीकी सहायता जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। उनका कहना है कि इससे समुद्री मछली पकड़ने की गतिविधियाँ सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेंगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि मछुआरों के सुझाव और चिंताओं को नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय मछुआरों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत नीति लागू नहीं की गई, तो गहरे समुद्र मछली पकड़ने वाले मछुआरों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है और समुद्री संसाधनों का असंतुलित उपयोग बढ़ सकता है।
इस प्रकार, तमिलनाडु के गहरे समुद्र मछुआरों ने नेशनल इंटीग्रेटेड फिशरीज़ पॉलिसी की मांग जोर-शोर से की है। उनका उद्देश्य न केवल मछुआरों की सुरक्षा और जीवनयापन सुनिश्चित करना है, बल्कि समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग और प्रबंधन भी है। केंद्र और राज्य सरकारों को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
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