
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लूर जिले में एक प्राइवेट सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सोमवार को जारी आधिकारिक जानकारी में इसकी पुष्टि की। यह हादसा 21 जून को पेरियापलायम के पास कन्निगैपेयर/मंजंगरनई इलाके में स्थित एक निर्यात इकाई में रूटीन ऑपरेशन के दौरान हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, यह एक औद्योगिक रासायनिक दुर्घटना थी, जिसमें अमोनिया गैस का रिसाव होने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आने से बड़ी संख्या में कर्मचारी और आसपास मौजूद लोग प्रभावित हुए। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल 83 लोग इस जहरीली गैस के संपर्क में आए और उनकी तबीयत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रभावित लोगों को सांस लेने में गंभीर कठिनाई, खांसी, सीने में दर्द और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
हालांकि, इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत गंभीर बनी रही, जिसके चलते मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में 25 वर्कर अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि प्रभावित लोगों के इलाज के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
यह घटना उस समय हुई जब फैक्ट्री में सामान्य उत्पादन कार्य चल रहा था। अचानक अमोनिया गैस के रिसाव से वहां काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जबकि कुछ लोग गैस के संपर्क में आने से गंभीर रूप से प्रभावित हो गए।
प्रशासन ने घटना के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया ताकि किसी और व्यक्ति पर गैस का असर न पड़े।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गैस रिसाव किस कारण हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक किया गया था। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, उपकरणों की स्थिति और संचालन प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक संयंत्रों में नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन तैयारियों का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों का इलाज और उनकी जान बचाना है। वहीं, हादसे के कारणों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।





