
चेन्नई: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को पूर्वोत्तर मानसून के लिए चेन्नई की तैयारियों का जायजा लिया। भारी बारिश के पूर्वानुमान और रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर की 35 जगहों पर जलभराव हो गया था, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर तैनात मोटर पंपों की मदद से सभी 35 जगहों से पानी निकाल दिया गया है। 22 जगहों पर गिरे पेड़ों को भी हटा दिया गया है, जिससे यातायात फिर से बहाल हो गया है।
रिपन बिल्डिंग्स स्थित GCC के 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने बारिश के आंकड़ों, सबवे, नहरों और नदियों के मुहानों की निगरानी, तथा जनता की शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया और शनिवार रात की भारी बारिश के बाद नगर निगम और अन्य विभागों के कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।
नगर निकाय ने बताया कि शहर के सभी 22 सबवे से बारिश का पानी निकाल दिया गया है ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। साथ ही, रविवार सुबह जलभराव से प्रभावित इलाकों में 13,500 लोगों के बीच भोजन बांटा गया।
GCC ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए 227 अस्थायी राहत केंद्र तैयार रखे हैं। इसके अलावा, भोजन तैयार करने और बांटने के लिए 112 केंद्रीय रसोई (सेंट्रलाइज्ड किचन) भी तैयार हैं।
बचाव और राहत कार्यों के लिए 1,189 वाहन और मशीनें तैयार रखी गई हैं। इनमें कॉर्पोरेशन के 676 हाई-कैपेसिटी मोटर पंप, 100 HP क्षमता वाले 134 किराए के पंप, ट्रैक्टर पर लगे 648 पंप और पानी इकट्ठा करने वाले 109 टैंक शामिल हैं।
कॉर्पोरेशन ने 36 नावें भी तैयार रखी हैं, जबकि मत्स्य विभाग ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 97 नावें उपलब्ध कराई हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए 15 शक्तिमान चेन-सॉ, 231 पावर-सॉ, 52 टेलीस्कोपिक-सॉ और पांच वाहनों पर लगे पेड़ काटने वाले उपकरण तैयार रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से कहा है कि वे भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए अपनी तैयारियों को और तेज करें और अपने कार्यों में बेहतर तालमेल बनाए रखें। समीक्षा बैठक में मंत्री आधव अर्जुन, डॉ. के. जी. अरुणराज, के. ए. सेंगोट्टैयान, पी. वेंकटरमनन, राजमोहन, सी. रमेश और डॉ. आर. कुमार; मुख्य सचिव एम. साई कुमार; राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, जल संसाधन विभाग तथा अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी; और जीसीसी आयुक्त डॉ. जी. एस. समीरन शामिल हुए।





