
चेन्नई : तमिलनाडु में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को एक व्यापक और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल पारंपरिक उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिक विश्लेषण, आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वय से दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों से दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत अध्ययन कर ठोस सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है।
तमिलनाडु सरकार अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान चालू वित्तीय वर्ष की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) पेश करने की तैयारी कर रही है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री विजय विभागवार समीक्षा बैठकों का दौर चला रहे हैं। इन बैठकों में प्रत्येक विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं तथा सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में हाईवे विभाग, पशुपालन विभाग और डेयरी विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों के मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान उन प्रमुख योजनाओं और प्रस्तावों पर चर्चा की गई जिन्हें आगामी स्टेटस रिपोर्ट में शामिल किया जाना है।
बैठक में सबसे अधिक ध्यान हाईवे विभाग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तमिलनाडु में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं। ऐसी स्थिति को बदलने के लिए सरकार को बहुआयामी रणनीति अपनानी होगी।
मुख्यमंत्री ने हाईवे मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, दुर्घटना-प्रभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट), सड़क सुरक्षा उपायों, ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क डिजाइन में सुधार, संकेतकों की व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा को केवल निर्माण कार्य तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जनजागरूकता, तकनीकी निगरानी और सख्त प्रवर्तन से भी जोड़ा जाए।
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि दुर्घटनाओं की अधिक संभावना वाले स्थानों की पहचान कर वहां विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी संकेत, बेहतर रोशनी, स्पीड कंट्रोल उपाय, सड़क चिह्नों का नवीनीकरण और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर विकसित की जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से दुर्घटनाओं के आंकड़ों का गहन विश्लेषण करने को भी कहा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन क्षेत्रों, समय और कारणों से सबसे अधिक हादसे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि तथ्य आधारित योजना तैयार करने से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
सरकार की योजना है कि तैयार किए जाने वाले नए एक्शन प्लान में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। इसमें हाईवे विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों की संयुक्त भूमिका तय की जा सकती है। दुर्घटना होने की स्थिति में त्वरित राहत और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष व्यवस्था पर विचार किया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने हाईवे परियोजनाओं की प्रगति, सड़क चौड़ीकरण, पुल निर्माण और रखरखाव कार्यों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
इसके अलावा पशुपालन और डेयरी विकास विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इन विभागों की प्रमुख परियोजनाओं, किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और पशुधन विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन विभागों को भी आगामी स्टेटस रिपोर्ट के लिए विस्तृत और तथ्यात्मक जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय सभी विभागों की अलग-अलग समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि विधानसभा में प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट में सरकार के कार्यों की स्पष्ट और पारदर्शी तस्वीर सामने आए। साथ ही, आगामी महीनों के लिए विभागवार प्राथमिकताएं भी तय की जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क सुरक्षा को लेकर तैयार किया जाने वाला नया एक्शन प्लान प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो राज्य में दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में इंजीनियरिंग सुधार, सख्त कानून प्रवर्तन, जनजागरूकता और आपातकालीन सेवाओं के बेहतर समन्वय को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएं। अब उम्मीद की जा रही है कि अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा में पेश होने वाली स्टेटस रिपोर्ट में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार की नई रणनीति और प्रस्तावित कदमों का विस्तृत उल्लेख किया जाएगा।





