
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी-करप्शन और विजिलेंस डिपार्टमेंट ने राज्यभर के 60 रजिस्ट्रार ऑफिसों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 46 ऑफिसों से कुल 37.75 लाख रुपये का बिना हिसाब का कैश जब्त किया गया।
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु डीड्स रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अंतर्गत राज्य में कुल 589 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस कार्यरत हैं। पिछले कुछ समय से इन ऑफिसों के खिलाफ रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ी कई शिकायतें विभाग को प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर एंटी-करप्शन और विजिलेंस विभाग लगातार मामलों की जांच कर रहा है।
गुरुवार को स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, जब डीड रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालयों में बड़ी संख्या में टोकन जारी किए गए थे। इसी दौरान विभाग को यह संकेत मिला कि कुछ रजिस्ट्रार ऑफिसों में असामान्य रूप से अधिक कैश फ्लो हो रहा है और लेनदेन में अनियमितताएं हो सकती हैं।
इसी आधार पर एंटी-करप्शन और विजिलेंस डिपार्टमेंट के डायरेक्टर और ADGP ए. अरुण ने राज्यभर के उन रजिस्ट्रार ऑफिसों का अचानक निरीक्षण करने का आदेश दिया, जहां सबसे अधिक टोकन जारी किए गए थे और कैश ट्रांजैक्शन ज्यादा होने की संभावना थी। आदेश के तुरंत बाद विशेष टीमों को तैनात किया गया और राज्य के 60 रजिस्ट्रार ऑफिसों में एक साथ छापेमारी की गई।
यह छापेमारी कई घंटों तक चली, जिसमें अधिकारियों ने दस्तावेजों, कैश रिकॉर्ड और रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं की गहन जांच की। इस दौरान 46 ऑफिसों से 37.75 लाख रुपये की बिना हिसाब की नकदी बरामद की गई। अधिकारियों ने इस राशि को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, कई ऑफिसों में लेनदेन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं। विभाग अब यह जांच कर रहा है कि यह राशि किस प्रकार से इकट्ठा की गई और इसमें किन कर्मचारियों या एजेंटों की भूमिका हो सकती है।
एंटी-करप्शन विभाग ने कहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान का हिस्सा है। विभाग का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनता को बिना किसी अवैध लेनदेन के सेवा उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्रार ऑफिसों में इस तरह की कार्रवाई से सरकारी रिकॉर्डिंग और संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, इससे भविष्य में रिश्वतखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह की आकस्मिक जांच की जा सकती है, ताकि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
समग्र रूप से देखा जाए तो तमिलनाडु में रजिस्ट्रार ऑफिसों पर की गई यह बड़ी छापेमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है और इससे सरकारी तंत्र में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





