
चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने मछुआरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए समुद्र में लापता होने वाले मछुआरों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ा दी है। मत्स्य पालन मंत्री ए. श्रीनाथ ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि अब प्रभावित परिवारों को प्रतिदिन 350 रुपये की जगह 600 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई मछली पकड़ने वाली नावों के मालिकों को आर्थिक राहत दी जाएगी। इसके तहत प्रत्येक मोटर चालित नाव के लिए 8 लाख रुपये और पारंपरिक नाव के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
दो साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता
विधानसभा में अपने विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री श्रीनाथ ने बताया कि लापता मछुआरों के परिवारों को यह सहायता दो साल तक दी जाएगी। यह मदद तब तक जारी रहेगी, जब तक परिवारों को समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत मिलने वाली राहत राशि प्राप्त नहीं हो जाती।
सरकार का कहना है कि समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
समुद्री संसाधन बढ़ाने पर जोर
मंत्री ने समुद्री मत्स्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मछलियों की संख्या बढ़ाने और समुद्री जीवों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए 50 स्थानों पर कृत्रिम रीफ (Artificial Reef) बनाए जाएंगे।
इसके अलावा चेन्नई और कन्याकुमारी जिलों के समुद्री क्षेत्रों में 'सी रैंचिंग' योजना का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत समुद्र में मछलियों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मछली उत्पादन बढ़ाने की योजना
सरकार ने मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए कृष्णगिरि मछली फार्म में फिंगरलिंग्स (छोटी मछलियां) तैयार करने की योजना बनाई है। इन छोटी मछलियों को बाद में राज्य के विभिन्न अंतर्देशीय जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा, जिससे मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जलीय जीव पालन क्षेत्र के लिए अलग नीति तैयार की जाएगी।
आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा
सरकार समुद्री क्षेत्रों में मछली संसाधनों की वैज्ञानिक मैपिंग करेगी, जिससे अलग-अलग मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही मछली फार्म, मछली चारा उद्योग और अन्य संबंधित बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरकारी और निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि समुद्र में पिंजरे बनाकर मछली पालन करने वाली 'ओपन सी केज कल्चर' योजना को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए तटीय इलाकों में 80 स्थानों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य मछुआरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना, समुद्री संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।





