तमिलनाडू

Tamil Nadu : कृषि विभाग ने लू से फसलों की सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

Kavita2
20 May 2026 9:13 AM IST
Tamil Nadu : कृषि विभाग ने लू से फसलों की सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी
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Tamil Nadu तमिलनाडु: कृषि विभाग ने बढ़ते तापमान और संभावित लू के प्रभाव से फसलों को बचाने के लिए किसानों के लिए विशेष तकनीकी सुझाव जारी किए हैं। इस संबंध में जिला कलेक्टर के. पोरकोडी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें किसानों से मौसम के अनुसार कृषि पद्धतियों में आवश्यक बदलाव करने की अपील की गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष जलवायु में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना जताई है, जिससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और आधुनिक व वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी गई है।

कृषि विभाग ने सुझाव दिया है कि किसानों को बड़े पैमाने पर गर्मियों की जुताई करनी चाहिए, जिससे मिट्टी की ऊपरी परत ढीली हो और गर्मी का प्रभाव कम हो सके। इसके साथ ही बीजों का उचित अंकुरण (जर्मिनेशन) कर बोआई करने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है, ताकि पौधों की शुरुआती वृद्धि मजबूत हो सके।

इसके अलावा, जैविक खादों के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया है ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसलों को प्राकृतिक पोषण मिल सके। विभाग ने यह भी सलाह दी है कि किसानों को दोपहर के समय सिंचाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय पानी तेजी से वाष्पित हो जाता है और इसका लाभ फसलों को कम मिलता है।

हवा के सही प्रवाह को बनाए रखने के लिए फसलों के बीच उचित दूरी रखने और खेतों से खरपतवार हटाने की भी सिफारिश की गई है। इससे पौधों को पर्याप्त हवा और पोषण मिल सकेगा।

मिट्टी में नमी बनाए रखने और तापमान कम करने के लिए प्राकृतिक मल्च जैसे पुआल और गन्ने की पत्तियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि आवश्यकता अनुसार वाष्पीकरण नियंत्रण स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है, जिससे जल की हानि कम होगी।

कृषि विभाग ने किसानों को यह भी सुझाव दिया है कि जल्दी खराब होने वाली फसलों की कटाई सुबह के समय ही की जाए, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। इसके साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले पानी का उपयोग कर पत्तियों पर फोलियर स्प्रे करने की भी सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक और सुरक्षित कृषि तकनीकों को अपनाएं, जिससे फसलों को लू और अत्यधिक गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

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