तमिलनाडू

Tamil Nadu : लेदर और फुटवियर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 271 करोड़ का क्लस्टर

Kavita2
9 Jun 2026 9:12 AM IST
Tamil Nadu : लेदर और फुटवियर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 271 करोड़ का क्लस्टर
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Tamil Nadu तमिलनाडु: कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी निधि केशवानी ने कहा है कि तमिलनाडु के लेदर और फुटवियर सेक्टर की ग्रोथ को और मजबूत करने के लिए रानीपेट जिले के पनप्पक्कम में 271 करोड़ रुपये के निवेश से लेदर और उससे जुड़े एक्सेसरीज़ का एक नया क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य राज्य में लेदर और नॉन-लेदर प्रोडक्ट्स के उत्पादन को बढ़ाना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को पूरा करना है।

सोमवार को नुंगमबक्कम स्थित एक निजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में लेदर और नॉन-लेदर सेक्टर से जुड़े सुधारों और इंडस्ट्री ऑपरेशंस को आसान बनाने पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जॉइंट सेक्रेटरी निधि केशवानी ने कहा कि तमिलनाडु देश में लेदर और फुटवियर उद्योग के क्षेत्र में पहले से ही एक अग्रणी राज्य रहा है और आने वाले समय में इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण होने वाली है।

उन्होंने जानकारी दी कि केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों जैसे बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी लेदर और उससे जुड़े एक्सेसरीज़ के लिए इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इन सभी परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 891 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यह योजना लेदर सेक्टर में औद्योगिक आधार को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

हालांकि, विशेष रूप से तमिलनाडु के पनप्पक्कम में लागू होने वाला यह प्रोजेक्ट 271 करोड़ रुपये के निवेश के साथ क्रियान्वित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह क्लस्टर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें उत्पादन, प्रोसेसिंग और एक्सेसरी निर्माण से जुड़ी इकाइयां शामिल होंगी। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह पहल घरेलू बाजार की बढ़ती मांग और वैश्विक निर्यात अवसरों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। लेदर उद्योग में तकनीकी सुधार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए यह क्लस्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि गुणवत्ता मानकों में भी सुधार देखने को मिलेगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लेदर और फुटवियर सेक्टर में अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। यह दर्शाता है कि इस उद्योग में लगातार विस्तार हो रहा है और निवेशकों की रुचि बनी हुई है। साथ ही, निर्यात के क्षेत्र में भी इस सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लेदर उत्पादों का निर्यात बढ़कर लगभग 2.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय लेदर उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीतियों और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल से इस क्षेत्र में और तेजी आएगी।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस केवल बड़े उद्योगों पर नहीं बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों को भी मजबूत बनाने पर है। क्लस्टर आधारित मॉडल से उत्पादन लागत में कमी आएगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, यह परियोजना तमिलनाडु के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो लेदर और फुटवियर सेक्टर को नई दिशा देने में मदद करेगी।

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