तमिलनाडू

Tamil Nadu : 1952 से अब तक के चुनाव में 2026 में सबसे ज्यादा वोटिंग

Kavita2
24 April 2026 9:45 AM IST
Tamil Nadu : 1952 से अब तक के चुनाव में 2026 में सबसे ज्यादा वोटिंग
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: 1952 से लेकर विधानसभा चुनावों के इतिहास में 2026 का चुनाव मतदान के लिहाज से सबसे खास माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस बार राज्य में सबसे अधिक वोटर टर्नआउट दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें जनता की भागीदारी पहले की तुलना में काफी अधिक देखने को मिली।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 1952 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कुल 1,99,58,669 मतदाताओं ने मतदान किया था और उस समय वोटर टर्नआउट 56.41 प्रतिशत दर्ज किया गया था। यह स्वतंत्र भारत के शुरुआती चुनावों में से एक था, जब चुनावी प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में थी और मतदान को लेकर जागरूकता भी सीमित थी।

इसके बाद 1957 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट देखने को मिली। इस वर्ष कुल 1,75,14,993 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और वोटर टर्नआउट घटकर 46.84 प्रतिशत रह गया। यह गिरावट उस समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी संकेत मानी जाती है।

इसके बाद के दशकों में तमिलनाडु में चुनावी भागीदारी धीरे-धीरे बदलती रही और मतदाताओं की जागरूकता में भी वृद्धि देखने को मिली। समय के साथ-साथ मतदान प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के प्रयास किए गए, जिससे लोगों की भागीदारी में सुधार हुआ।

हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव को अब तक का सबसे बड़ा मतदान वाला चुनाव बताया जा रहा है। इस बार राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर मतदान हुआ, जिसने 1952 से लेकर अब तक के सभी चुनावों को पीछे छोड़ दिया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं और विभिन्न वर्गों के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस बार मतदान के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई थीं। बड़ी संख्या में पोलिंग बूथ बनाए गए और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया, जिससे लोगों में मतदान को लेकर भरोसा बढ़ा। यही कारण रहा कि बड़ी संख्या में मतदाता घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ा हुआ मतदान लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे यह पता चलता है कि लोग अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। खासकर युवा मतदाताओं की भागीदारी में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

कुल मिलाकर 1952 से शुरू हुई चुनावी यात्रा में 2026 का चुनाव एक नया अध्याय जोड़ता है, जहां जनता की भागीदारी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह आंकड़े न केवल चुनावी इतिहास को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि समय के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।

Next Story