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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर की अध्यक्षता में चेन्नई स्थित TNCC कार्यालय में INDIA गठबंधन की बैठक हुई। बैठक में तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रतिनिधियों के साथ कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता शामिल हुए। बैठक का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा।मणिकम टैगोर ने TVK की इस बैठक में भागीदारी को महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक TVK और कांग्रेस समेत कुछ दलों के बीच तमिलनाडु में पहले से अलग राज्यस्तरीय गठबंधन व्यवस्था मौजूद है। सितंबर में TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन को ‘Secular Social Justice Victory Alliance’ नाम दिया गया था, जिसमें कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK शामिल हैं। CPI और CPM उस समय सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे थे।
TVK की मौजूदगी क्यों अहम?
शनिवार की बैठक में TVK की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि कुछ सप्ताह पहले तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर ने कहा था कि TVK को INDIA गठबंधन में शामिल करने का सवाल उसके संसद में प्रतिनिधित्व हासिल करने के बाद उठाया जा सकता है। अगस्त में उन्होंने कहा था कि TVK के अपने सांसद होने के बाद उसे INDIA गठबंधन में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।इसके बाद तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला। सितंबर में TVK के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने अपना राज्यस्तरीय गठबंधन औपचारिक रूप से स्थापित किया। ऐसे में 3 अक्टूबर की INDIA बैठक में TVK प्रतिनिधियों की मौजूदगी को विपक्षी दलों के बीच समन्वय के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में TVK की ओर से आधव अर्जुन और मारिया विल्सन के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। [
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
बैठक में शामिल दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। विपक्षी दलों का यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हुए CEC के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया है।मणिकम टैगोर इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में TNCC ने चेन्नई में प्रदर्शन आयोजित किया था। उस दौरान कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और CEC के इस्तीफे की मांग की थी। CPI और अन्य वाम दलों ने भी अलग-अलग मौकों पर इसी मुद्दे को उठाया है।यह ध्यान रखना जरूरी है कि चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोप विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं। इन दावों के आकलन के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संबंधित कानूनी या प्रशासनिक रिकॉर्ड को भी देखा जाना आवश्यक है। शनिवार की बैठक का तत्काल उद्देश्य इन राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय और आगे की रणनीति पर चर्चा करना था।
तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन का नया समीकरण
तमिलनाडु में इस समय गठबंधन राजनीति का स्वरूप पिछले चुनावी दौर की तुलना में अलग दिखाई दे रहा है। TVK के नेतृत्व में कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK का राज्यस्तरीय गठबंधन सितंबर में औपचारिक रूप से सामने आया था। इस गठबंधन का नेतृत्व मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय कर रहे हैं।मणिकम टैगोर ने हाल के दिनों में यह भी कहा है कि कांग्रेस का विजय को समर्थन अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उनके अनुसार, पार्टी ने इस मुद्दे पर नेतृत्व और राज्य इकाई के स्तर पर विचार-विमर्श किया था। उन्होंने विजय और कांग्रेस के बीच धर्मनिरपेक्षता तथा सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर राजनीतिक समझ का भी उल्लेख किया।इस पृष्ठभूमि में शनिवार की बैठक ने तमिलनाडु में विपक्षी दलों के बीच चल रहे राजनीतिक समन्वय को एक और मंच दिया। खासतौर पर चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बने रहने की संभावना है।
आगे क्या?
बैठक के बाद गठबंधन के घटक दलों की ओर से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राजनीतिक कार्यक्रम और विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की बात सामने आई है। INDIA गठबंधन की राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में भी SIR, चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए जाते रहे हैं। तमिलनाडु की बैठक इसी व्यापक राजनीतिक अभियान की राज्यस्तरीय कड़ी के रूप में सामने आई है।फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि TVK के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ INDIA से जुड़ी बैठक में भाग लिया है, जबकि तमिलनाडु में TVK के नेतृत्व वाला अलग राज्यस्तरीय गठबंधन पहले ही औपचारिक रूप ले चुका है। इसलिए TVK की मौजूदा भूमिका को समझने के लिए राज्यस्तरीय गठबंधन और राष्ट्रीय INDIA गठबंधन के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। शनिवार की बैठक ने इस राजनीतिक समीकरण को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
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