
मदुरै। तमिलनाडु में स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रवादी नेता पसुमपोन मुथुरामलिंगा थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा के अवसर पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मदुरै के गोरिपालयम में मुथुरामलिंगा थेवर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में थेवर के योगदान और ब्रिटिश शासन के दौरान भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में स्टालिन ने राज्य की मौजूदा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि फिल्मों में नायक की भूमिका निभाना और वास्तविक जीवन में सरकार चलाना दो अलग-अलग बातें हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और डीएमके के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
शुक्रवार सुबह एम.के. स्टालिन मदुरै के गोरिपालयम पहुंचे, जहां उन्होंने पसुमपोन मुथुरामलिंगा थेवर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे तेप्पाकुलम पहुंचे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। स्टालिन ने मरुधु पांडियार बंधुओं की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
मदुरै में कार्यक्रम पूरा करने के बाद स्टालिन रामनाथपुरम जिले के कमुथी के पास स्थित पसुमपोन गांव के लिए रवाना हुए। यहां मुथुरामलिंगा थेवर की स्मृति में गुरु पूजा का मुख्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे।
पसुमपोन मुथुरामलिंगा थेवर का जन्म 30 अक्टूबर 1908 को हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उनका संबंध नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राजनीतिक विचारधारा और फॉरवर्ड ब्लॉक से भी रहा। थेवर ने ब्रिटिश शासन के दौरान लागू भेदभावपूर्ण कानूनों का विरोध किया और विभिन्न समुदायों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
विशेष रूप से ब्रिटिश शासन के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट जैसे कानूनों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया जाता है। इस कानून के माध्यम से कई समुदायों को सामूहिक रूप से आपराधिक श्रेणी में रखकर उन पर प्रतिबंध लगाए गए थे। थेवर ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध करते हुए सामाजिक सम्मान और समान अधिकारों की मांग की थी।
मुथुरामलिंगा थेवर की जयंती और पुण्यतिथि दोनों 30 अक्टूबर को मनाई जाती हैं। इसी कारण तमिलनाडु में इस दिन विशेष गुरु पूजा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। रामनाथपुरम जिले के पसुमपोन गांव में स्थित उनके स्मारक पर हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में मुथुरामलिंगा थेवर का विशेष सामाजिक और राजनीतिक महत्व है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस अवसर पर उनके स्मारक और प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इस वर्ष भी राज्य के प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई के नंदनम क्षेत्र में मुथुरामलिंगा थेवर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मदुरै के गोरिपालयम में श्रद्धांजलि दी।
पलानीस्वामी ने इसके बाद तेप्पाकुलम पहुंचकर मरुधु पांडियार बंधुओं की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वहां अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक संगीत और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद वे भी पसुमपोन में आयोजित गुरु पूजा समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुए।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है।
डीएमके अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कुछ पदाधिकारियों की गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय की राजनीतिक और प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि फिल्मों में लोकप्रिय होना और वास्तविक प्रशासन चलाना अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं।
स्टालिन के अनुसार, जनता ने सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सरकार को अपराधों पर नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीएमके राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर अपना राजनीतिक विरोध जारी रखेगी। पार्टी की महिला इकाई की ओर से शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सरकार को जगाने वाला आंदोलन बताया।
स्टालिन ने दावा किया कि महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। हालांकि स्टालिन द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। राज्य में अपराध की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर मुथुरामलिंगा थेवर जयंती और गुरु पूजा कार्यक्रमों को देखते हुए राज्य प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। मदुरै, रामनाथपुरम, शिवगंगा और विरुधुनगर जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, चार जिलों में लगभग 18 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए सात पुलिस उपमहानिरीक्षक और 40 पुलिस अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी की देखरेख में सुरक्षा प्रबंध किए गए।
इसके अलावा 118 स्थानों पर वाहनों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई और निगरानी के लिए 480 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। एहतियात के तौर पर संबंधित चार जिलों में शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश भी दिए गए।
मदुरै के गोरिपालयम में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई। रिपोर्टों के अनुसार, टीवीके के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई। कुछ बैरिकेड भी हटाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती।
मुथुरामलिंगा थेवर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम इस वर्ष राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी चर्चा में रहे। मुख्यमंत्री विजय, पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन और अन्नाद्रमुक नेता पलानीस्वामी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानी की विरासत को याद किया।
वहीं स्टालिन द्वारा कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों ने राज्य में सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच राजनीतिक बहस को नया विषय दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।
फिलहाल थेवर जयंती और गुरु पूजा के अवसर पर राज्यभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पसुमपोन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है।
इस अवसर पर मुथुरामलिंगा थेवर के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, सामाजिक अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और राष्ट्रीय एकता से जुड़े विचारों को याद किया जा रहा है। दूसरी ओर राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में स्टालिन के बयान ने कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।





