तमिलनाडू

कानून व्यवस्था को लेकर स्टालिन ने विजय सरकार को घेरा

Ratna Netam
7 Oct 2026 5:03 PM IST
कानून व्यवस्था को लेकर स्टालिन ने विजय सरकार को घेरा
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चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर तीखा हमला बोला। स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या और धारदार हथियारों से हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं और आम लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने पिछले 24 घंटों में चेन्नई, तिरुत्तनी, सलेम, डिंडीगुल, मदुरै और अन्य इलाकों में हुई कई हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस की गश्त और अपराधियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में स्टालिन ने धारदार हथियारों से होने वाले हमलों की तुलना बिजली कटौती से करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चेन्नई से लेकर राज्य के दक्षिणी जिलों तक अपराध की घटनाओं ने लोगों में डर पैदा किया है। स्टालिन ने कहा कि नागरिकों को घर के भीतर और बाहर दोनों जगह अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है। हालांकि यह DMK प्रमुख का राजनीतिक आरोप है और राज्य सरकार की ओर से इन सभी आरोपों पर विस्तृत जवाब तत्काल उपलब्ध नहीं था।
स्टालिन ने जिन घटनाओं का उल्लेख किया उनमें चेन्नई के मायलापुर में 19 वर्षीय युवक की हत्या भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। DMK अध्यक्ष ने इस घटना को उदाहरण बनाते हुए सवाल किया कि राजधानी में अपराध रोकने के लिए पुलिस की गश्त और निगरानी कितनी प्रभावी है।
उन्होंने तिरुत्तनी की एक घटना का भी जिक्र किया, जहां एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। स्टालिन ने दावा किया कि मृतक ने अपनी 17 वर्षीय बेटी को कथित रूप से परेशान किए जाने को लेकर पहले पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने सवाल किया कि शिकायत के बावजूद व्यक्ति की सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की जा सकी और क्या इस मामले में समय रहते कार्रवाई की गई थी।
सलेम में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला भी स्टालिन के बयान में शामिल रहा। रिपोर्ट के अनुसार जनाबाई नाम की महिला की घर के भीतर कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या की गई और उनके आभूषण लूट लिए गए। स्टालिन ने कहा कि दिनदहाड़े घर में ऐसी घटना होना कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल पैदा करता है।
डिंडीगुल जिले की एक अन्य घटना का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने कहा कि वीरबथिरन नामक व्यक्ति पर उस समय हमला किया गया जब वह अपनी पत्नी के साथ सनारपट्टी पुलिस स्टेशन में जमानत संबंधी प्रक्रिया पूरी कर लौट रहा था। उन्होंने पूछा कि यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड या विवाद पुलिस की जानकारी में था, तो उसकी गतिविधियों और उससे जुड़े जोखिमों पर पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं रखी गई।
मदुरै जिले में सामयनल्लूर के पास एक युवक की हत्या और शोलावंदन में TASMAC आउटलेट के पास श्याम सुंदरराज पर धारदार हथियार से हमले का मामला भी स्टालिन ने उठाया। इसके अलावा उन्होंने चेन्नई के एन्नोर रेलवे स्टेशन पर छात्रों पर कथित हमले की कोशिश का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
DMK अध्यक्ष ने पुलिस गश्त को लेकर सीधा सवाल करते हुए कहा कि क्या अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग हो रही है और क्या पहले से पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया कितनी तेज और प्रभावी है।
स्टालिन ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की ओर से घोषित ‘सिंगापेन’ विशेष बल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर प्रचार करने जितना ध्यान अगर महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा पर दिया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। यह टिप्पणी भी मौजूदा सरकार पर उनके राजनीतिक हमले का हिस्सा थी।
तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पिछले कुछ महीनों से सरकार को लगातार घेर रहा है। इससे पहले भी DMK नेताओं ने हत्या, यौन अपराध और हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए विजय सरकार पर सवाल उठाए थे। मई में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी राज्य में अपराध की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
स्टालिन ने अपने ताजा बयान में मुख्यमंत्री विजय को याद दिलाया कि गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से लेने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस पूरे मामले में फिलहाल राजनीतिक आरोप और आपराधिक घटनाएं दोनों समानांतर रूप से चर्चा में हैं। अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं की जांच संबंधित पुलिस इकाइयां कर रही हैं, जबकि विपक्ष इन मामलों को राज्यव्यापी कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ रहा है।
स्टालिन के बयान के बाद तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था एक बार फिर राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। DMK जहां सरकार से पुलिस व्यवस्था, गश्त और अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग कर रही है, वहीं आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री विजय और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। फिलहाल स्टालिन ने पिछले 24 घंटों की घटनाओं को आधार बनाकर सरकार से जवाब और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
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